Bihar Tourism: पर्यटन स्थलों को नई पहचान देने की तैयारी, सरकार का बड़ा फोकस
पटना: बिहार के पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के लिए राज्य सरकार धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों के विकास पर जोर दे रही है। सरकार का उद्देश्य बिहार के प्रमुख पर्यटन केंद्रों को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर देश और दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने पर्यटन को रोजगार, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर भी जोर दिया है।
पर्यटन के लिए नई योजनाओं पर जोर
बिहार सरकार ने 2026 में हेली-टूरिज्म और एयर-टूरिज्म जैसी नई पहल शुरू की है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार 18 जुलाई 2026 को पटना जॉय राइड सेवा का शुभारंभ किया गया। इसका उद्देश्य पर्यटकों को बिहार के ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों को अलग नजरिए से देखने का अवसर देना है।
किन जगहों पर बढ़ रहा फोकस?
बिहार के राजगीर, कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी, वाल्मीकिनगर समेत कई प्रमुख पर्यटन स्थलों को बेहतर तरीके से विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। हेली-टूरिज्म योजना के पहले चरण में पटना से राजगीर, वाल्मीकिनगर और कैमूर को जोड़ने की जानकारी सामने आई है।
धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा
बिहार के धार्मिक स्थलों को पर्यटन कॉरिडोर से जोड़ने की योजना पर भी सरकार की ओर से जोर दिया गया है। इसमें मुंडेश्वरी मंदिर, हरिहरनाथ मंदिर, विष्णुपद मंदिर और नालंदा जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का विकास शामिल बताया गया है।
रोजगार और स्थानीय कारोबार को फायदा
पर्यटन बढ़ने से होटल, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प, भोजन और छोटे कारोबार से जुड़े लोगों को फायदा मिलने की संभावना है। सरकार पर्यटन को रोजगार और निवेश बढ़ाने के एक माध्यम के रूप में देख रही है।
बिहार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है पर्यटन?
बिहार की पहचान प्राचीन इतिहास, बौद्ध विरासत, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ी रही है। बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं के साथ इन स्थलों को विकसित किया जाता है तो राज्य में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की संभावना बन सकती है। सरकार की नई पहलें इसी दिशा में एक कदम मानी जा रही हैं।