NMEDT क्या है? भारत में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और आत्मनिर्भरता पर बढ़ा फोकस
नई दिल्ली: भारत में महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता और घरेलू खनिज संसाधनों की खोज को लेकर सरकार का फोकस लगातार बढ़ रहा है। इस दिशा में National Mineral Exploration and Development Trust (NMEDT) की भूमिका महत्वपूर्ण है। NMEDT भारत सरकार के खान मंत्रालय से जुड़ा एक संस्थागत ढांचा है, जिसका उद्देश्य देश में खनिज अन्वेषण को गति देना है।
Critical Minerals क्यों हैं महत्वपूर्ण?
लिथियम, कोबाल्ट और दुर्लभ मृदा तत्व जैसे महत्वपूर्ण खनिज इलेक्ट्रिक वाहन, ऊर्जा भंडारण, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स और कई रणनीक उद्योगों के लिए जरूरी हैं। इसी वजह से इन खनिजों की आपूर्ति को सुरक्षित करना भारत की आर्थिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल है।
NMEDT के जरिए क्या किया जा रहा है?
NMEDT विभिन्न खनिज अन्वेषण परियोजनाओं को सहायता देता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार संस्था के तहत बड़ी संख्या में परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और कई परियोजनाएं पूरी भी हो चुकी हैं। मार्च 2026 में NMEDT की गवर्निंग बॉडी की बैठक में भी Critical Minerals की खोज को तेज करने और राज्यों से अन्वेषण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया था।
विदेशों में भी खनिज खोज की तैयारी
NMEDT ने जुलाई 2026 में Overseas Mineral Exploration Promotion Guidelines भी जारी की हैं। इससे स्पष्ट है कि भारत घरेलू खोज के साथ-साथ विदेशों में भी महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों तक पहुंच मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
भारत के लिए इसका क्या मतलब?
Critical Minerals की मजबूत आपूर्ति इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और हाई-टेक उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए आने वाले वर्षों में खनिज अन्वेषण और संसाधन सुरक्षा भारत की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल रह सकती है।
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