पटना में खाकी पर रिश्वत का आरोप! 11 लाख की डील में 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड
INFLOWIRE BREAKING | 4 नवंबर 2026 | Patna News
बिहार की राजधानी पटना में पुलिस महकमे से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून के रखवालों की कार्यशैली पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला फुलवारीशरीफ थाने का है। यहां नशे के कारोबार के खिलाफ छापेमारी के दौरान पकड़े गए दो लोगों को कथित तौर पर 11 लाख रुपये लेकर छोड़ने का आरोप पुलिसकर्मियों पर लगा है। इस मामले में पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। दरअसल, 26 अक्टूबर को फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की सूचना पर छापेमारी की थी। इस दौरान आकिब खान उर्फ मोहम्मद साकिब खान को गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया। लेकिन इसी कार्रवाई के दौरान पुलिस दो अन्य लोगों, मोहम्मद आफताब आलम और मोहम्मद एहसान को भी पकड़कर थाने लाई थी। आरोप है कि इन दोनों के नाम प्राथमिकी में दर्ज नहीं किए गए और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। बाद में कथित तौर पर करीब 11 लाख रुपये के लेन-देन के बाद दोनों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया। इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि कथित रिश्वत की रकम के बंटवारे को लेकर ही संबंधित लोगों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद फुलवारीशरीफ के सहायक पुलिस अधीक्षक से जांच कराई गई। शुरुआती जांच में आठ पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई। निलंबित पुलिसकर्मियों में दिवाकर प्रसाद, नारद मुनि सिंह, रितेश कुमार, आकाश कुमार, पवन कुमार, साबिर आलम, आनंद राज और शुभम कुमार शामिल हैं।
इन सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के साथ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की गई है। मामले में कुछ स्थानीय लोगों की भूमिका की भी जांच हो रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस पुलिस पर नशे के कारोबार को रोकने की जिम्मेदारी है, उसी के कुछ कर्मियों पर आरोपियों को पैसे लेकर छोड़ने का आरोप क्यों लगा?
फिलहाल मामला जांच के अधीन है। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई हुई है। अंतिम जिम्मेदारी और दोष का निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।