मोदी के काशी में भाजपा हारी, वाराणसी शिक्षक MLC सीट पर सपा का कब्जा
Inflowire News | राजनीति | 28 अक्टूबर 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विधान परिषद की शिक्षक निर्वाचन सीट पर भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने यह सीट जीत ली है। इस नतीजे ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में काशी को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि यह लोकसभा चुनाव नहीं बल्कि विधान परिषद की शिक्षक निर्वाचन सीट का परिणाम है। यहां सिर्फ पढ़े लिखे ही वोटर होते हैं।
वाराणसी में लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार दर्ज की जीत, भाजपा के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को मिली शिकस्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विधान परिषद की शिक्षक निर्वाचन सीट पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की है। सपा के मौजूदा एमएलसी लाल बिहारी यादव ने भाजपा उम्मीदवार डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को हराकर लगातार दूसरी बार इस सीट पर कब्जा बरकरार रखा।
मतगणना के अंतिम नतीजों के अनुसार लाल बिहारी यादव को कुल 11,612 वोट मिले, जबकि भाजपा के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,597 वोट प्राप्त हुए। इस तरह लाल बिहारी यादव ने 5,015 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
पहली वरीयता के वोटों में भी सपा आगे
मतगणना के पहले चरण में ही लाल बिहारी यादव ने मजबूत बढ़त बना ली थी। उन्हें पहली वरीयता के 10,958 वोट मिले, जबकि भाजपा के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,060 वोट प्राप्त हुए। हालांकि, निर्धारित बहुमत नहीं मिलने के कारण दूसरी वरीयता के मतों की गणना भी की गई। इसके बाद लाल बिहारी यादव की जीत सुनिश्चित हुई।
भाजपा के लिए क्या है इस नतीजे का राजनीतिक मायने?
वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। ऐसे में यहां शिक्षक एमएलसी सीट पर भाजपा की हार को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह है कि सपा ने इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है।
आप को बता दें कि 2027 में उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव है। तो ऐसे में 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यह परिणाम दोनों दलों के संगठन और चुनावी रणनीति के लिए चर्चा का विषय बन गया है।
अब आगे क्या?
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की अन्य शिक्षक और स्नातक निर्वाचन सीटों पर भी मतगणना जारी है। ऐसे में पूरे प्रदेश के परिणाम सामने आने के बाद ही भाजपा और समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन की व्यापक तस्वीर स्पष्ट होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की काशी में शिक्षक एमएलसी सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। लाल बिहारी यादव की जीत ने वाराणसी की स्थानीय राजनीतिक चर्चा को नया विषय दिया है, लेकिन इस एक परिणाम को पूरे प्रदेश के चुनावी रुझान का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता।