हेमंत सोरेन की याचिका पर झारखंड HC ने ED से मांगा जवाब, 28 अक्टूबर को अगली सुनवाई
रांची | 30 सितंबर 2026 | Inflowire
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े कथित जमीन फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ED से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई अब 28 अक्टूबर 2026 को होगी।
क्या है हेमंत सोरेन की याचिका?
यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल की करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और उससे संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच का है। हेमंत सोरेन ने विशेष PMLA अदालत के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसके बाद उनके खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता खुला था।
याचिका में उनकी ओर से PMLA की धारा 44(1)(डी) का हवाला देते हुए आरोप गठन की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई है। उनके पक्ष का तर्क है कि मामले की जांच पूरी नहीं हुई है, इसलिए जांच पूरी होने तक आरोप गठन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए। ED इस मांग का विरोध कर रही है।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
बुधवार की सुनवाई में हाईकोर्ट ने ED से जवाब मांगा, लेकिन निचली अदालत में चल रही आरोप गठन की प्रक्रिया पर तत्काल रोक नहीं लगाई।
इसका मतलब है कि केवल हाईकोर्ट में याचिका लंबित होने के आधार पर निचली अदालत की कार्यवाही अपने आप नहीं रुकेगी। बड़गाईं जमीन मामले में विशेष PMLA अदालत की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
मामला किस जमीन से जुड़ा है?
ED की जांच के अनुसार मामला रांची के बड़गाईं इलाके की लगभग 8.86 एकड़ जमीन से संबंधित है। जांच में जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और जमीन को अवैध तरीके से हासिल किए जाने से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, ये आरोप न्यायिक रूप से अंतिम रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं।
अब इस मामले में 28 अक्टूबर 2026 को झारखंड हाईकोर्ट में अगली सुनवाई होगी। उस दौरान ED का जवाब और हेमंत सोरेन की याचिका पर उठाए गए कानूनी मुद्दे अदालत के सामने रहेंगे। वहीं, हाईकोर्ट द्वारा फिलहाल रोक नहीं लगाए जाने के कारण निचली अदालत की कार्यवाही पर इसका स्वतः स्थगन नहीं हुआ है।
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