Bihar Politics: पटना बाईपास पर कथित वसूली को लेकर RJD का बड़ा हमला, वीडियो जारी कर सरकार से जांच की मांग
पटना में ट्रकों से कथित वसूली का मुद्दा गरमाया, RJD ने वीडियो जारी कर लगाए गंभीर आरोप; सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग
पटना: बिहार की राजधानी पटना में ट्रकों के परिचालन से जुड़े कथित वसूली के मामले को लेकर राजनीति गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने पटना बाईपास के नो-एंट्री क्षेत्र में कथित अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए एक वीडियो जारी किया है। पार्टी का दावा है कि गायघाट मोड़ के पास एक चाय दुकान के जरिए ट्रक चालकों से कथित तौर पर रकम वसूली जा रही है। RJD ने इस पूरे मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
गायघाट मोड़ पर क्या है RJD का दावा?
RJD की ओर से जारी किए गए वीडियो और लगाए गए आरोपों के मुताबिक, पटना बाईपास के गायघाट मोड़ के आसपास नो-एंट्री व्यवस्था के बीच ट्रकों से कथित तौर पर पैसे वसूले जा रहे हैं।
पार्टी ने दावा किया है कि इस कथित नेटवर्क के जरिए हर दिन करीब ₹2 लाख तक की वसूली की जा रही है। हालांकि, यह आंकड़ा RJD के दावे पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
RJD ने किस तरह के आरोप लगाए?
RJD का आरोप है कि यह केवल किसी एक व्यक्ति की गतिविधि नहीं, बल्कि एक कथित संगठित नेटवर्क हो सकता है। पार्टी ने अधिकारियों की कथित भूमिका, टारगेट सिस्टम और ट्रांसफर के जरिए भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिए जाने जैसे आरोप भी लगाए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र जांच या किसी आधिकारिक जांच एजेंसी की पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल इन्हें आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
सरकार पर क्यों बढ़ा राजनीतिक दबाव?
पटना बाईपास राजधानी का महत्वपूर्ण ट्रैफिक कॉरिडोर है। यहां भारी वाहनों के परिचालन, नो-एंट्री और ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े नियमों का सीधा असर ट्रक चालकों और परिवहन कारोबार पर पड़ता है।
ऐसे में यदि किसी नो-एंट्री व्यवस्था के नाम पर अवैध वसूली के आरोप सामने आते हैं तो मामला सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े करता है।
RJD ने इसी आधार पर सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
इस मामले में सबसे अहम यह होगा कि प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक जांच होती है या नहीं और RJD द्वारा जारी वीडियो में लगाए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होती है या नहीं।
RJD ने इसे केवल स्थानीय वसूली का मामला नहीं रहने दिया है। पार्टी ने इसे सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए राजनीतिक मुद्दा बनाया है।
अगर प्रशासन जांच शुरू करता है तो मामला आगे बढ़ सकता है। वहीं यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का एक नया दौर देखने को मिल सकता है।