खरगे के बयान पर सियासी संग्राम, BJP का आज देशभर में प्रदर्शन; बिहार से दिल्ली तक बढ़ा विवाद
INFLOWIRE | National News
बिहार की राजधानी पटना से उठा एक राजनीतिक बयान अब देशव्यापी सियासी विवाद बन गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर बीजेपी भड़क गई है। बीजेपी ने आज, 26 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी खरगे से माफी की मांग कर रही है। वहीं, कांग्रेस ने बयान के संदर्भ को लेकर अपनी सफाई दी है। सवाल है—क्या अब चुनावी मुद्दों से ज्यादा नेताओं की जुबानी जंग सुर्खियों में रहेगी?
विवाद की शुरुआत रविवार, 25 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई। यह कार्यक्रम बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में भाषण के दौरान खरगे चुनावी प्रक्रिया और वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर बीजेपी पर निशाना साध रहे थे। इसी बीच दर्शक दीर्घा से एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री मोदी के पद से हटने को लेकर टिप्पणी की। जवाब में खरगे ने कहा—“मोदी का बाप भी जाएगा।”
इसी बयान के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया।
बीजेपी ने क्यों खोला मोर्चा?
बीजेपी ने खरगे की टिप्पणी को प्रधानमंत्री और उनके दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने 26 अक्टूबर को देशभर के राज्य मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत बीजेपी के कई नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान की आलोचना की है। बीजेपी नेताओं की मांग है कि खरगे इस टिप्पणी के लिए माफी मांगें।
कांग्रेस की क्या है दलील?
दूसरी ओर कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों का विरोध किया है। पार्टी नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि खरगे की टिप्पणी का संदर्भ प्रधानमंत्री के वैचारिक मार्गदर्शक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS से था। हालांकि बयान के शब्दों को लेकर दोनों दलों के बीच विवाद जारी है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए मूल भाषण और उसके संदर्भ को देखना जरूरी है।
बिहार से राष्ट्रीय राजनीति तक असर
खरगे ने इसी कार्यक्रम में SIR मतदाता सूची और कथित वोट चोरी को लेकर भी बीजेपी पर आरोप लगाए थे। बीजेपी इन आरोपों को खारिज करती रही है। अब बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद भी दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव का नया मुद्दा बन गया है।
फिलहाल, बीजेपी के देशव्यापी प्रदर्शन पर सबकी नजर है। यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस की ओर से इस मामले में आगे क्या प्रतिक्रिया आती है और क्या विवाद माफी की मांग तक सीमित रहता है या राजनीतिक टकराव और बढ़ता है।
पटना में एक बयान से शुरू हुआ विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में है। बीजेपी विरोध प्रदर्शन के जरिए अपना विरोध दर्ज कराने जा रही है। जबकि कांग्रेस बयान के संदर्भ पर जोर दे रही है। राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब निगाहें आज के प्रदर्शनों और दोनों दलों के अगले कदम पर टिकी हैं।