नालंदा के मॉडल अस्पताल में बच्चे की मौत के बाद बवाल, डॉक्टर-स्टाफ से मारपीट; OPD-इमरजेंसी सेवा हुई प्रभावित
Nalanda Hospital News / Inflowire Desk
नालंदा: बिहार के नालंदा जिले से अस्पताल में हंगामे का मामला सामने आया है। बिहारशरीफ सदर अस्पताल के मॉडल अस्पताल में बुधवार देर रात तीन वर्षीय बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद मृतक बच्चे के परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में हंगामा और तोड़फोड़ की स्थिति बन गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। विवाद बढ़ने के बाद अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ कथित मारपीट की गई। घटना के बाद मेडिकल स्टाफ में नाराजगी फैल गई और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं।
तीन साल के बच्चे की इलाज के दौरान मौत
रिपोर्टों के मुताबिक, बिहारशरीफ के छोटी पहाड़ी इलाके से तीन वर्षीय बच्चे को रात में इलाज के लिए मॉडल अस्पताल लाया गया था। बच्चे को डिहाइड्रेशन की शिकायत बताई गई है। इलाज शुरू होने के बाद उसकी स्थिति बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि बच्चे की गंभीर स्थिति के समय डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं थे। हालांकि, इलाज में लापरवाही के आरोपों की आधिकारिक जांच का निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है। उपलब्ध रिपोर्टों में अस्पताल पक्ष की ओर से बताया गया है कि संबंधित डॉक्टर अन्य गंभीर मरीजों को देखने के लिए SNCU गए थे।
डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों से कथित मारपीट
बच्चे की मौत के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ और स्वास्थ्यकर्मियों से कथित मारपीट की स्थिति बन गई। रिपोर्टों के मुताबिक इमरजेंसी में मरीजों का इलाज कर रहे एक डॉक्टर के साथ भी मारपीट की गई। स्थिति बिगड़ने पर कुछ स्वास्थ्यकर्मियों ने खुद को कमरों के अंदर सुरक्षित किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
OPD और इमरजेंसी सेवाएं क्यों हुईं प्रभावित?
स्वास्थ्यकर्मियों ने सुरक्षा को लेकर विरोध जताते हुए रात करीब 2 बजे OPD और इमरजेंसी सेवाएं बंद कर दीं। इसके कारण अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन से बातचीत की। रिपोर्टों के अनुसार, मरीजों की परेशानी को देखते हुए इमरजेंसी सेवा को दोबारा शुरू कराया गया, जबकि OPD सेवा को लेकर डॉक्टरों की नाराजगी बनी रही।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। अस्पताल उपाधीक्षक की ओर से अस्पताल परिसर में स्थायी पुलिस पिकेट की मांग किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अस्पताल प्रशासन और पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। बच्चे की मौत के वास्तविक कारण और इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मरीजों की सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा
अस्पताल में किसी मरीज की मौत के बाद परिजनों का सवाल उठाना स्वाभाविक है, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हिंसा की घटनाओं का सीधा असर दूसरे मरीजों के इलाज पर पड़ सकता है। नालंदा की यह घटना इसी चुनौती को सामने लाती है कि मरीजों के अधिकारों के साथ-साथ अस्पताल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
INFLOWIRE FACT : बच्चे की मौत के बाद अस्पताल में बवाल! नालंदा के बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल में 3 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों से कथित मारपीट के बाद OPD और इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित हुईं। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद इमरजेंसी सेवा बहाल किए जाने की जानकारी सामने आई है।