Delhi SIR: 47.56 लाख नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर, 15 दिन में 62,583 आवेदन; आगे क्या होगा?
नई दिल्ली | 17 सितंबर 2026
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) के बाद वोटर लिस्ट को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 47.56 लाख नाम शामिल नहीं हैं। इसके बाद पात्र लोगों को अपना नाम वापस दर्ज कराने के लिए दावा और आपत्ति दाखिल करने का मौका दिया गया है।
इस प्रक्रिया के पहले 15 दिनों में 62,583 लोगों ने Form-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन किया है। यह आंकड़ा 15 सितंबर तक का है। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी।
47.56 लाख नामों का मतलब क्या है?
SIR से पहले दिल्ली की मतदाता सूची में करीब 1.45 करोड़ मतदाता दर्ज थे। 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची में करीब 97.53 लाख मतदाताओं के नाम शामिल किए गए।
इस हिसाब से करीब 47.56 लाख मतदाता ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हुए।
लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है—इसे सीधे तौर पर यह कहना सही नहीं होगा कि 47.56 लाख लोगों के वोट स्थायी रूप से खत्म कर दिए गए हैं। यह अभी ड्राफ्ट सूची है। पात्र व्यक्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा दाखिल करके अपना नाम शामिल कराने की कोशिश कर सकते हैं।
15 दिन में 62,583 Form-6 आवेदन
दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया शुरू होने के बाद 15 सितंबर तक 62,583 Form-6 आवेदन दर्ज किए गए।
Form-6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है। जिन पात्र मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत Form-6 और जरूरी दस्तावेजों के साथ दावा दाखिल कर सकते हैं।
यहां एक और आंकड़ा महत्वपूर्ण है। 31 अगस्त को ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने से पहले ही दिल्ली में 2,12,400 Form-6 आवेदन प्राप्त हो चुके थे। इसलिए 62,583 को SIR अवधि में आए कुल Form-6 आवेदन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
चुनाव अधिकारियों की नजर 4.75 लाख आवेदनों पर
15 सितंबर तक 62,583 आवेदन इस अनुमान से काफी कम हैं। हालांकि, दावा दाखिल करने के लिए अभी 30 सितंबर तक समय बचा है, इसलिए अंतिम संख्या अभी सामने नहीं आई है।
किन इलाकों से कितने आवेदन आए?
पहले 15 दिनों में आवेदन की संख्या सभी जिलों में एक जैसी नहीं रही।
पश्चिमी दिल्ली से 7,834 Form-6 आवेदन आए। उत्तर-पश्चिम दिल्ली में 6,384, पूर्वी दिल्ली में 6,297, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 5,585 और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में 5,436 आवेदन दर्ज हुए।
नई दिल्ली जिले में यह संख्या 1,203 रही, जो बताए गए जिलावार आंकड़ों में सबसे कम है।
सिर्फ बाहर हुए नाम ही जांच के दायरे में नहीं
SIR की प्रक्रिया में ड्राफ्ट सूची में शामिल मतदाताओं के रिकॉर्ड की भी जांच जारी है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 33 लाख ऐसे मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिनके नाम ड्राफ्ट सूची में मौजूद हैं लेकिन उनके रिकॉर्ड में अलग-अलग तरह की विसंगतियां पाई गई हैं।
इसका मतलब है कि अंतिम मतदाता सूची तैयार होने से पहले आंकड़ों में और बदलाव हो सकते हैं।
30 सितंबर के बाद क्या होगा?
ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं मिलने वाले पात्र मतदाताओं के लिए दावा और आपत्ति दाखिल करने की समयसीमा 30 सितंबर 2026 तक है।
इसके बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच तथा निस्तारण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जानी है।
यानी अभी 47.56 लाख नामों को लेकर अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है। असली स्थिति अंतिम सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी कि इनमें से कितने लोग दावा दाखिल कर वापस मतदाता सूची में शामिल होते हैं और कितने रिकॉर्ड बाहर ही रहते हैं।
मतदाताओं के लिए सबसे जरूरी बात
अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, तो उसे केवल पुराने वोटर कार्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट मान लेने के बजाय नई ड्राफ्ट सूची में अपना नाम जांचना चाहिए।
नाम नहीं मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया और समयसीमा के भीतर Form-6 के जरिए दावा दाखिल किया जा सकता है। आवेदन करते समय चुनाव कार्यालय की ओर से निर्धारित दस्तावेज और घोषणा-पत्र की आवश्यकताओं का पालन करना जरूरी है।
दिल्ली SIR की मौजूदा स्थिति को तीन आंकड़ों से समझा जा सकता है-
1.45 करोड़ — SIR से पहले मतदाता
97.53 लाख — ड्राफ्ट सूची में शामिल मतदाता
47.56 लाख — ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हुए मतदाता
62,583 — 15 सितंबर तक दावा-आपत्ति चरण में Form-6 आवेदन
30 सितंबर — दावा और आपत्ति की अंतिम तारीख
4 नवंबर — प्रस्तावित अंतिम मतदाता सूची
फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि 47.56 लाख का आंकड़ा ड्राफ्ट स्तर का है, अंतिम मतदाता सूची का नहीं। आने वाले हफ्तों में दाखिल होने वाले दावों और उनकी जांच के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।