दिल्ली महिला पत्रकार मारपीट मामला: पप्पू यादव की एंट्री, Parliament Street Police Station पहुंचे; न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे
नई दिल्ली: दिल्ली में मुस्लिम महिला पत्रकार के साथ कथित मारपीट का मामला अब राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है। इस मामले में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव सामने आए हैं। शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को पप्पू यादव के Parliament Street Police Station पहुंचने की जानकारी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि वह महिला पत्रकार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर थाना परिसर में बैठे हैं।
पप्पू यादव अपने फेसबुक पेज से थाना परिसर से लाइव भी कर रहे हैं, जिसमें वह मामले में कार्रवाई और न्याय की मांग करते नजर आ रहे हैं।
महिला पत्रकार के साथ कथित मारपीट का मामला क्या है?
दिल्ली में एक मुस्लिम महिला पत्रकार के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई है। घटना को लेकर कई वीडियो और दावे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं।
आरोप है कि पत्रकार के साथ पुलिस की मौजूदगी में कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। घटना की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर अभी पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
यही वजह है कि मामले में वायरल वीडियो और सोशल मीडिया दावों के साथ-साथ पुलिस रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
पप्पू यादव ने क्यों संभाला मोर्चा?
मामले में पप्पू यादव के सामने आने के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। वह सीधे Parliament Street Police Station पहुंचे और महिला पत्रकार के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
पप्पू यादव का कहना है कि यदि किसी महिला पत्रकार के साथ उसके पेशेवर काम के दौरान ज्यादती हुई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
थाना पहुंचने के बाद उन्होंने वहीं से फेसबुक लाइव शुरू किया, जिसके जरिए वह पूरे घटनाक्रम को अपने समर्थकों और सोशल मीडिया यूजर्स तक पहुंचा रहे हैं।
थाना परिसर से लाइव, बढ़ी हलचल
पप्पू यादव के थाना पहुंचने और वहां से लाइव करने के बाद सोशल मीडिया पर मामले को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि दिल्ली पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है।
क्या महिला पत्रकार की शिकायत दर्ज की गई है?
क्या घटना की CCTV फुटेज की जांच होगी?
क्या कथित मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी?
इन सवालों के जवाब पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई से ही स्पष्ट होंगे।
पत्रकार सुरक्षा पर भी उठे सवाल
यह मामला केवल एक महिला पत्रकार के साथ कथित मारपीट तक सीमित नहीं है। इसके साथ पत्रकारों की सुरक्षा और रिपोर्टिंग के दौरान पुलिस के व्यवहार का सवाल भी जुड़ गया है।
अगर जांच में पत्रकार के साथ गैरकानूनी बल प्रयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारी तय करना जरूरी होगा। वहीं, घटना को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच भी उतनी ही जरूरी है।
अब पुलिस के अगले कदम पर नजर
पप्पू यादव के Parliament Street Police Station पहुंचने के बाद मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण हो गई है। महिला पत्रकार का बयान, शिकायत, उपलब्ध वीडियो और CCTV फुटेज इस पूरे मामले में अहम साक्ष्य हो सकते हैं।
फिलहाल सोशल मीडिया पर सामने आए दावों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है। पुलिस या संबंधित महिला पत्रकार की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और साफ होगी।
INFLOWIRE लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है। जैसे ही पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी या मामले से जुड़ा कोई नया तथ्य सामने आता है, खबर को आगे अपडेट किया जाएगा।