Sunday Special : बेंच और ईंटों के सहारे छत! सरकारी स्कूल की हालत पर NHRC सख्त, 191 बच्चों की सुरक्षा का सवाल
Sunday Special | Inflowire
दरभंगा, बिहार | 11 अक्टूबर 2026
जिस स्कूल में बच्चों का भविष्य संवरना चाहिए, अगर उसी स्कूल की छत को बेंच, डेस्क और ईंटों के सहारे टिकाए रखने की नौबत आ जाए, तो यह सिर्फ एक इमारत की बदहाली नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है।
बिहार के दरभंगा जिले के किरतपुर स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की जर्जर हालत को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी NHRC ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने दरभंगा के जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में लगभग 191 विद्यार्थियों और स्कूल कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, किरतपुर के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में छत को सहारा देने वाले मुख्य पिलर के क्षतिग्रस्त होने के बाद बेंच, डेस्क और ईंटों के सहारे अस्थायी व्यवस्था की गई थी। आपको बतादें कि यह समस्या कई महीने पुरानी है।इतना ही नही विद्यालय भवन में छत से पानी टपकने, प्लास्टर उखड़ने और बीम-पिलर की खराब स्थिति जैसी समस्या भी पुरानी है। विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई होती है, लेकिन उपलब्ध कमरों की कमी के कारण पढ़ाई संचालित करने में भी परेशानी बताई गई है।
NHRC ने क्या कदम उठाया?
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 8 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस मामले पर संज्ञान लेने की जानकारी दी। आयोग ने कहा कि यदि रिपोर्ट में सामने आए तथ्य सही हैं, तो वे मानवाधिकारों से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
इसी आधार पर दरभंगा के जिलाधिकारी से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
सबसे बड़ा सवाल: बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?
सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित भवन, पर्याप्त कक्ष और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना शिक्षा व्यवस्था की अहम जिम्मेदारी है।
Inflowire का सवाल: स्कूल की इमारत केवल ईंट, सीमेंट और छत का ढांचा नहीं होती। यह बच्चों के भविष्य की नींव होती है। अगर किसी विद्यालय में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आती है, तो उसका समाधान सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
NHRC के संज्ञान के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, भवन की स्थिति का आकलन करने और स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।
दरभंगा के अलीनगर प्रखंड के किरतपुर विद्यालय का मामला एक बड़ा सवाल छोड़ता है—बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था कब सुनिश्चित होगी?