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MLC चुनाव में तेजस्वी की रणनीति से महागठबंधन में हलचल, 6 सीटों पर RJD ने उतारे उम्मीदवार

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Published on Sep 15, 2026 • 165 views
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बिहार MLC चुनाव: तेजस्वी के फैसले से महागठबंधन में बढ़ी बेचैनी, सीट शेयरिंग पर उठे सवाल

पटना: बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आगामी चुनावी लड़ाई ने महागठबंधन के भीतर सियासी हलचल बढ़ा दी है। राष्ट्रीय जनता दल ने आठ में से छह सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। इसके बाद गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच सीटों के तालमेल और उम्मीदवार चयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

RJD ने पटना शिक्षक, पटना स्नातक, दरभंगा स्नातक, कोसी स्नातक, सारण शिक्षक और तिरहुत स्नातक सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है। वहीं दरभंगा शिक्षक और तिरहुत शिक्षक सीट पर अभी उम्मीदवार घोषित नहीं किए गए हैं। इन दोनों सीटों पर वर्तमान में सहयोगी दलों से जुड़े MLC हैं, इसलिए इन सीटों को लेकर गठबंधन के भीतर बातचीत की गुंजाइश बनी हुई है।

तेजस्वी यादव की रणनीति क्या है?

RJD ने इस बार MLC चुनाव में विधानसभा चुनाव की तरह लंबे समय तक इंतजार करने के बजाय काफी पहले अपने उम्मीदवारों के नाम सामने रख दिए। पार्टी की ओर से घोषित छह उम्मीदवारों में कुछ ऐसे चेहरे भी हैं जिनका राजनीतिक सफर RJD से दूर रहा है मतलब बाहर से शुरू हुआ है।

पटना शिक्षक सीट से संजीव कुमार सिंह, पटना स्नातक से दिलीप कुमार, दरभंगा स्नातक से अनिल कुमार झा, कोसी स्नातक से नितेश कुमार, सारण शिक्षक से जयराम यादव और तिरहुत स्नातक से रश्मि विनायक गौतम को उम्मीदवार बनाया गया है।

इस रणनीति को RJD की ओर से चुनावी मैदान को पहले से मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने MLC चुनाव में उम्मीदवारों की घोषणा के मामले में अन्य प्रमुख दलों से पहले अपनी बढ़त बनाई है।

सहयोगी दलों की चिंता क्यों बढ़ी?

महागठबंधन में MLC चुनाव को लेकर असली चुनौती सिर्फ उम्मीदवार खड़ा करने की नहीं, बल्कि आपसी तालमेल बनाए रखने की है। आठ सीटों में शिक्षक और स्नातक दोनों निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। ऐसे में अगर गठबंधन के अलग-अलग दल एक ही सीट पर अलग-अलग उम्मीदवार उतारते हैं तो वोटों के बंटवारे का सीधा असर चुनावी मुकाबले पर पड़ सकता है।

उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक महागठबंधन के सहयोगी दलों के बीच उम्मीदवारों और सीटों को लेकर पहले से ही पूर्ण समन्वय नहीं बन पाया है। यही वजह है कि RJD की ओर से छह सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा के बाद गठबंधन की चुनावी रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है।

हालांकि, यह कहना जल्दबाजी होगी कि महागठबंधन पूरी तरह टूटने या सभी सीटों पर अलग-अलग लड़ने की स्थिति में पहुंच गया है। दरभंगा शिक्षक और तिरहुत शिक्षक सीट पर RJD ने अभी उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। इससे संकेत मिलता है कि इन सीटों पर सहयोगी दलों के साथ बातचीत की संभावना अभी बनी हुई है।

दरभंगा सीट क्यों महत्वपूर्ण?

दरभंगा स्नातक सीट पर RJD ने अनिल कुमार झा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि दरभंगा शिक्षक सीट पर अभी पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के मौजूदा MLC मदन मोहन झा हैं।

यही वजह है कि दरभंगा शिक्षक सीट महागठबंधन के भीतर सीट समन्वय की एक महत्वपूर्ण परीक्षा बन सकती है। यदि सहयोगी दल आपसी सहमति से उम्मीदवार तय करते हैं तो विपक्षी वोटों के बिखराव को रोका जा सकता है। लेकिन यदि अलग-अलग दल मैदान में उतरते हैं तो मुकाबला बहुकोणीय हो सकता है।

सिर्फ टिकट का मामला नहीं, गठबंधन की परीक्षा भी

ये चुनाव केवल विधान परिषद की कुछ सीटों का चुनाव नहीं है। ये शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में स्थानीय राजनीतिक समीकरण सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होता है।
यहां उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़, मतदाता समूहों से संपर्क, संगठन और लंबे समय से क्षेत्र में सक्रियता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

RJD की ओर से छह सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने के बाद अब सहयोगी दलों की अगली रणनीति पर नजर रहेगी। खासकर उन सीटों पर जहां पहले से किसी सहयोगी दल का प्रभाव या प्रतिनिधित्व है, वहां सीटों के बंटवारे पर अंतिम फैसला महत्वपूर्ण होगा।

चुनाव से पहले ही शुरू हुआ राजनीतिक संदेशों का दौर

MLC चुनाव के लिए अभी औपचारिक चुनाव कार्यक्रम सामने आना बाकी है, लेकिन राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त होना है। इन सीटों में पटना, दरभंगा, सारण और तिरहुत के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र तथा पटना, दरभंगा, कोसी और तिरहुत के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।

ऐसे में RJD का पहले उम्मीदवार घोषित करना पार्टी की चुनावी सक्रियता को दिखाता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस और वाम दल समेत महागठबंधन के दूसरे घटक दल इस रणनीति का जवाब किस तरह देते हैं।

आने वाले दिनों में सहयोगी दलों की बैठक, उम्मीदवारों के ऐलान और सीटों पर आपसी सहमति इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी।

 

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Tags: Bihar MLC Election Tejashwi Yadav RJD Mahagathbandhan Bihar Politics MLC Election 2026 Bihar News

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