बिहार में गंडक का कहर: रेवहिया में तेज कटाव, नदी में समाया प्राथमिक विद्यालय का हिस्सा
Bihar Flood News: पश्चिम चंपारण के मधुबनी प्रखंड के रेवहिया गांव में गंडक नदी का कटाव लगातार गंभीर होता जा रहा है। नदी की तेज धारा के कारण गांव के साथ-साथ सरकारी स्कूल की सुरक्षा पर भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। प्राथमिक विद्यालय चिउरही उर्दही उर्दू का बड़ा हिस्सा कटाव की चपेट में आ चुका है।
गंडक नदी के कटाव से स्कूल को नुकसान
रेवहिया में गंडक नदी की धारा लगातार किनारे की जमीन को काट रही है। कटाव की रफ्तार इतनी तेज है कि प्राथमिक विद्यालय चिउरही उर्दही उर्दू भी इसकी जद में आ गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक विद्यालय के पांच कमरों में से चार कमरे नदी में समा चुके हैं। स्कूल की पश्चिमी चारदीवारी भी पहले ही नदी की धारा में बह चुकी है।
ग्रामीणों के सामने बढ़ा खतरा
गंडक नदी के कटाव ने रेवहिया के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। नदी जिस तेजी से किनारे की जमीन को अपने साथ बहा रही है, उससे आसपास के इलाकों में भी खतरा बढ़ने की आशंका है।
स्थानीय स्तर पर कटाव को रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार मौके पर अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी पहुंचे हैं। कटाव रोकने के लिए केवल अस्थायी उपाय के बजाय स्थायी समाधान की मांग उठ रही है।
प्रशासन की नजर, लेकिन स्थायी समाधान की मांग
कटाव की सूचना के बाद मधुबनी बीडीओ सह बीईओ कुंदन कुमार समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय स्तर पर कटाव निरोधक उपायों को लेकर चर्चा हुई है। ग्रामीणों की मांग है कि नदी की धारा से लगातार हो रहे नुकसान को रोकने के लिए मजबूत और स्थायी व्यवस्था की जाए।
बच्चों की पढ़ाई पर भी असर
सरकारी स्कूल के भवन का नदी में समाना सिर्फ एक निर्माण के नुकसान का मामला नहीं है। इससे बच्चों की पढ़ाई और स्कूल के भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। यदि कटाव इसी तरह जारी रहा तो आसपास के परिवारों और विद्यार्थियों के सामने अतिरिक्त परेशानी पैदा हो सकती है।
रेवहिया में गंडक नदी का कटाव एक बार फिर नदी किनारे बसे गांवों की संवेदनशील स्थिति को सामने ला रहा है। स्कूल के भवन को हुए नुकसान के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती कटाव को आगे बढ़ने से रोकना और प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षित व्यवस्था करना है। स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन की ओर है कि इस संकट से निपटने के लिए कितनी तेजी से ठोस कदम उठाए जाते हैं।