बिहार में बाढ़ की आफत अभी भी बड़ी खबर: 34 लाख लोग प्रभावित, कई इलाकों में राहत नहीं; बारिश का भी अलर्ट
INFLOWIRE DESK TEAM
पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। उपलब्ध ताजा रिपोर्ट के मुताबिक करीब 34 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। हालांकि कुछ प्रमुख नदियों के जलस्तर में कमी के संकेत मिले हैं, लेकिन कई इलाकों में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।
34 लाख से ज्यादा लोगों पर बाढ़ का असर
8 सितंबर तक सामने आई जानकारी के मुताबिक बिहार के 13 जिलों में 34 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा के बाढ़ निशान पार करने के बाद डाउनस्ट्रीम इलाकों के लिए भी सतर्कता बढ़ाई गई थी। इसका असर केवल गांवों तक सीमित नहीं है। कई जगह सड़क संपर्क, रेल परिचालन, खेती और रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई है।
कुछ नदियों में पानी घटा, लेकिन खतरा खत्म नहीं
ताजा रिपोर्ट में कुछ नदियों के जलस्तर में कमी आने के संकेत हैं। इसका मतलब यह है कि कुछ इलाकों में स्थिति में सुधार शुरू हो सकता है, लेकिन बड़े पैमाने पर प्रभावित आबादी के कारण राहत और पुनर्वास की चुनौती अभी बनी हुई है।
बिहार जल संसाधन विभाग के 8 सितंबर दोपहर के आंकड़ों में दरभंगा के बहादुरपुर स्थित अधवारा नदी का जलस्तर 43.10 मीटर दर्ज किया गया, जो संबंधित खतरे के स्तर से नीचे था। कमतौल में भी अधवारा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में घटा था।
9 सितंबर को बारिश फिर बढ़ा सकती है परेशानी
बाढ़ के बीच मौसम भी बड़ी चिंता बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने 9 सितंबर को बिहार के लिए भारी बारिश तथा गरज-चमक से जुड़ी चेतावनी जारी की है। पटना के लिए भी 9 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान दर्ज किया गया है। इस स्थिति में पहले से जलमग्न इलाकों में परेशानी बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि किसी विशेष इलाके में बाढ़ की स्थिति केवल बारिश पर नहीं, बल्कि नदी के जलस्तर, जल निकासी और स्थानीय परिस्थितियों पर भी निर्भर करती है।
सड़क और रेल संपर्क पर भी असर
बाढ़ का असर परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक पटना-गया रेलखंड पर सुरक्षा कारणों से कई ट्रेनों को रद्द किया गया, जबकि भागलपुर-मुंगेर के बीच NH-80 पर भी बाढ़ के पानी का असर पड़ा।
इसलिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निकलने से पहले स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग की ताजा सूचना देखना जरूरी है।
कटिहार समेत कई जिलों में बड़ी आबादी प्रभावित
कटिहार में भी बाढ़ का असर काफी व्यापक बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार अकेले कटिहार में 3 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। कुछ इलाकों में लोगों ने घरों की छतों और रेलवे ट्रैक के आसपास ऊंचे स्थानों पर शरण ली।
अभी सबसे बड़ा सवाल क्या?
बिहार में बाढ़ की मौजूदा स्थिति में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आने वाले दिनों में जलस्तर लगातार घटेगा या बारिश और नदी के बढ़ते प्रवाह से नए इलाकों में पानी पहुंचेगा?
फिलहाल उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि कुछ जगहों पर स्थिति में सुधार के संकेत हैं, लेकिन राज्यभर में प्रभावित लोगों की संख्या काफी बड़ी है। इसलिए बाढ़ को लेकर राहत और निगरानी दोनों जारी रखना जरूरी है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानी
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की सलाह के बिना तेज बहाव वाले पानी को पार करने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर रखें और बिजली के खुले तारों या जलमग्न विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखें। मौसम और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी पर नजर रखें।