बिहार शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर के ठिकानों पर EOU रेड, 3 करोड़ से अधिक की संपत्ति की जांच
INFLOWIRE / BIHAR NEWS
Bihar EOU Raid: बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शिक्षा विभाग के एक डिप्टी डायरेक्टर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले की जांच के तहत EOU की टीम ने पटना और बेगूसराय में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।बिहार में सरकारी अधिकारियों की कथित आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में अब शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह EOU की कार्रवाई के घेरे में आए हैं।
डिप्टी डायरेक्टर के तीन ठिकानों पर EOU की छापेमारी
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक EOU की अलग-अलग टीमों ने पटना और बेगूसराय में तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई का संबंध आय से अधिक संपत्ति के मामले से बताया जा रहा है।
EOU की टीम छापेमारी के दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच कर रही है।
3 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का मामला
रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी पर 3 करोड़ रुपये से अधिक की कथित आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़ा मामला है। EOU की कार्रवाई के दौरान संपत्तियों और दस्तावेजों से संबंधित साक्ष्य जुटाए जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, जांच अभी जारी है और अंतिम रूप से कितनी संपत्ति का खुलासा हुआ है, इसकी पूरी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
पटना से बेगूसराय तक जांच
EOU की कार्रवाई एक साथ कई स्थानों पर होने के कारण मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है। टीम यह जांच कर रही है कि संबंधित अधिकारी की घोषित आय और उनकी संपत्तियों के बीच कितना अंतर है। ऐसे मामलों में जांच एजेंसी आमतौर पर बैंक खातों, जमीन-जायदाद, निवेश, दस्तावेजों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करती है।
कौन हैं अजय कुमार सिंह?
अजय कुमार सिंह बिहार शिक्षा विभाग का डिप्टी डायरेक्टर है।
EOU की कार्रवाई
छापेमारी के बाद जांच एजेंसी द्वारा जब्त दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। इसके आधार पर संपत्ति और आय के स्रोतों का मिलान किया जा सकता है। अगर जांच में आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की पुष्टि होती है, तो मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल EOU की कार्रवाई ने बिहार के शिक्षा विभाग में हलचल बढ़ा दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि छापेमारी में क्या-क्या दस्तावेज या संपत्ति से जुड़े साक्ष्य सामने आते हैं और जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई क्या होती है।