बिहार में शराबबंदी पर फिर गरमाई सियासत...
INFLOWIRE / PATNA / 16 AUGUST 2026 / SUNDAY
बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। रविवार, 16 अगस्त 2026 को दिल्ली से पटना लौटे आरजेडी नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शराबबंदी के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा।
तेजस्वी यादव ने बिहार में लागू शराबबंदी को पूरी तरह विफल बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि शराब की अवैध बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी है. और कथित तौर पर शराब की होम डिलीवरी तक हो रही है।
कौन सा ब्रांड बिहार में नहीं मिलता?
मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने शराबबंदी की जमीनी स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि बिहार में ऐसा कौन सा शराब का ब्रांड है जो उपलब्ध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराबबंदी के बावजूद अलग-अलग ब्रांड की शराब अवैध तरीके से पहुंचाई जा रही है।
सम्राट चौधरी सरकार पर भी निशाना..
शराबबंदी कानून की समीक्षा किए जाने से जुड़े सवाल पर तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से सवाल किया जाना चाहिए। तेजस्वी ने यह भी दावा किया कि शराबबंदी के मुद्दे पर एनडीए के भीतर भी मतभेद दिखाई दे रहे हैं।
सरकार का शराबबंदी पर क्या रुख है?
दूसरी ओर, हालिया रिपोर्टों के मुताबिक बिहार सरकार की ओर से शराबबंदी कानून में बदलाव को लेकर अलग रुख सामने आया है। मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी पहले ही कानून में बदलाव नहीं किए जाने की बात कह चुके हैं। सरकार की ओर से शराब की अवैध सप्लाई पर कार्रवाई की बात भी कही गई है। इससे साफ है कि फिलहाल बिहार में शराबबंदी को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव जारी है।
पेपर लीक और छात्र मुद्दे पर भी सरकार को घेरा....
पटना लौटने के बाद तेजस्वी यादव ने केवल शराबबंदी ही नहीं, बल्कि पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने बिहार में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर सरकार की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था पर सवाल उठाए। तेजस्वी यादव ने सीवान में छात्र पर AK-47 से गोली चलाए जाने के मामले को भी उठाया और इस मुद्दे पर 19 अगस्त को राजभवन मार्च करने की बात कही।
ऐसे में एक बार फिर से बिहार में शराबबंदी का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में है। तेजस्वी यादव ने शराबबंदी की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि सरकार की ओर से शराबबंदी कानून को जारी रखने और अवैध शराब कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।
ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।