बिहार में आज से बदलेगा मौसम
INFLOWIRE NEWS DESK
PATNA NEWS : बिहार में सोमवार, 17 अगस्त 2026 से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, बिहार में 17 से 20 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
IMD के 17 अगस्त के अपडेट में 17 और 18 अगस्त को बिहार के लिए भारी बारिश के साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवा जैसी मौसमी गतिविधियों की चेतावनी दी गई है। 19 और 20 अगस्त को भी राज्य में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
17 और 18 अगस्त को विशेष सावधानी
मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 अगस्त को बिहार में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
बिहार में अब तक बारिश की कितनी कमी?
IMD के 16 अगस्त 2026 तक के राज्यवार बारिश आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 16 अगस्त के बीच बिहार में 383.4 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश 648.3 मिमी होनी चाहिए थी। इस आधार पर राज्य में बारिश सामान्य से 41 प्रतिशत कम रही।
यानी इस समय बिहार में बारिश की कमी बनी हुई है, लेकिन अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश से कई इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम भी अहम
IMD के अनुसार 16 अगस्त को उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के पास निम्न दबाव का क्षेत्र बना था। इसके प्रभाव से पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। बिहार में 17 से 19 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश और 17 से 20 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। खुले स्थान पर होने की स्थिति में सुरक्षित पक्की इमारत में शरण लें। पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे खड़े होने से बचें और मौसम विभाग के ताजा अलर्ट पर नजर रखें।
मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। स्थानीय स्तर पर जारी चेतावनी को प्राथमिकता दें।
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Lakhisarai News : लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत; कई घायल
लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में बड़ा हादसा
लखीसराय: बिहार के लखीसराय जिले में सावन के तीसरे सोमवार, 17 अगस्त 2026 को सुबह अशोक धाम मंदिर में बड़ा हादसा हो गया। भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत हुई है और कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
सुबह अचानक बढ़ गई श्रद्धालुओं की भीड़
बताया जा रहा है कि सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के अवसर पर अशोक धाम मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। रिपोर्टों के अनुसार, सुबह करीब 6:30 बजे के बाद भीड़ में अचानक काफी बढ़ोतरी हुई।
लखीसराय के जिलाधिकारी के अनुसार, श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान बैरिकेडिंग टूट गई और इसके बाद अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हुई।
बिजली के पोल और करंट को लेकर क्या सामने आया?
हादसे के बाद अलग-अलग रिपोर्टों में बिजली के पोल या तार गिरने और करंट फैलने की बात भी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, बिजली से जुड़ी घटना की खबर या आशंका के बाद श्रद्धालुओं में अचानक दहशत फैल गई, जिसके बाद भीड़ का दबाव बढ़ गया।
हालांकि, हादसे की अंतिम वजह की आधिकारिक जांच अभी महत्वपूर्ण है। इसलिए इस घटना को केवल “करंट लगने से मौत” बताना अभी जल्दबाजी होगी। उपलब्ध शुरुआती जानकारी में भीड़ बढ़ने, बैरिकेडिंग टूटने और अफरा-तफरी को प्रमुख परिस्थितियों के रूप में बताया गया है।
करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की रिपोर्ट
कुछ मीडिया रिपोर्टों में हादसे के समय अशोक धाम मंदिर और आसपास के इलाके में करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के मौजूद होने की बात कही गई है। इतनी बड़ी भीड़ के बीच अचानक अफरा-तफरी फैलने से स्थिति गंभीर हो गई।
प्रशासन ने शुरू किया राहत और बचाव कार्य
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को घटनास्थल से निकालकर अस्पताल भेजा गया। अधिकारियों की मौजूदगी में राहत और बचाव का काम शुरू किया गया।
हादसे के बाद मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। घटना के वास्तविक कारणों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
अशोक धाम मंदिर क्यों है खास?
अशोक धाम लखीसराय जिले का प्रसिद्ध शिव मंदिर है। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, अशोक धाम भगवान शिव को समर्पित प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है।
सावन के महीने में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। सावन सोमवार के दिन भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक हो जाती है।
हादसे के बाद कई सवाल…..
अशोक धाम मंदिर में हुई इस घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग, प्रवेश-निकास व्यवस्था और आपातकालीन सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भगदड़ जैसी स्थिति की मुख्य वजह क्या थी और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।