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मेरे बस की बात नहीं; भारत के बच्चों के नंबर देखकर दंग रह गया अमेरिकी इंजीनियर, VIDEO वायरल

Admin User

Published on May 19, 2026 • 12 views
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Source: hindustan viral live

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बेंगलुरु की एक सड़क पर लगा टॉपर छात्रों का बड़ा सा बोर्ड अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है। वजह बना एक अमेरिकी टेक प्रोफेशनल जिसने उस बोर्ड को देखकर ऐसा रिएक्शन दिया कि वीडियो वायरल हो गया। बेंगलुरु में रहने वाले अमेरिकी इंजीनियर टोनी क्लोर ने जब छात्रों के 99 प्रतिशत तक के नंबर देखा तो वह खुद को रोक नहीं पाए और कैमरे पर ही बोल पड़े कि भारत में स्टूडेंट बनना उनके बस की बात नहीं थी।

वीडियो में टोनी क्लोर सड़क पर चलते हुए एक बड़े बोर्ड को रिकॉर्ड करते नजर आते हैं। उस बोर्ड पर कई छात्रों के नाम और उनके परीक्षा में आए नंबर लिखे थे। ज्यादातर छात्रों के अंक 95 प्रतिशत से ऊपर थे और कई बच्चे 99 प्रतिशत के आसपास पहुंचे हुए थे। टोनी क्लोर एक-एक नाम और नंबर पढ़ते हुए हैरानी जताते दिखाई दिए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “यही वजह है कि मैं भारत में कभी स्टूडेंट नहीं बन पाता। यहां की प्रतियोगिता देखो।”

इसके बाद उन्होंने एक छात्रा का नाम पढ़ते हुए कहा, “तनिष्का 99.3 प्रतिशत… बाकी लोगों के लिए भी थोड़ा छोड़ दो।” फिर दूसरे छात्र का जिक्र करते हुए बोले, “रुचि को पूरे 99 प्रतिशत मिले हैं।” उनका यह अंदाज लोगों को काफी पसंद आया, लेकिन साथ ही इसने भारत की शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़ी बहस भी छेड़ दी।

जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल हुआ, लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे। कई लोगों ने माना कि भारत में छात्रों पर पढ़ाई और नंबर लाने का बहुत ज्यादा दबाव होता है।

इस बात से हर कोई वाकिफ है कि भारत में बोर्ड परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर हमेशा से काफी दबाव देखा जाता रहा है। अच्छे कॉलेज में दाखिला, सरकारी नौकरी और बेहतर करियर की उम्मीद में लाखों छात्र हर साल भारी प्रतिस्पर्धा का सामना करते हैं। यही वजह है कि 95 प्रतिशत से ऊपर अंक लाने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बार छात्रों और अभिभावकों पर इसका मानसिक दबाव भी देखने को मिलता है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह वीडियो उसी दबाव और प्रतियोगिता की तस्वीर को दुनिया के सामने दिखाता नजर आया।

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं। परिचय एवं अनुभव हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं। लेखन की सोच और मकसद हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है। शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है। रुचियां और निजी झुकाव काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं। विशेषज्ञताएं - शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन - नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस - UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर - अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन - राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव

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