स्वतंत्र भारद्वाज की पूरी कहानी: जंतर-मंतर विवाद से गिरफ्तारी तक, आज केस में क्या हुआ?
INFLOWIRE NEWS DESK / DELHI
Swatantra Bhardwaj News: जंतर-मंतर पर हुए विवाद के बाद चर्चा में आए स्वतंत्र भारद्वाज की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। दिल्ली पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद मामले में एससी/एसटी एक्ट से जुड़ी धाराएं जोड़ी गईं और नाबालिग से जुड़े कथित ऑनलाइन उत्पीड़न एवं धमकी के मामले में अलग एफआईआर भी दर्ज हुई। रविवार को अदालत ने उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। अब जांच एजेंसियां उनके सोशल मीडिया कंटेंट और विवादित घटनाक्रम से जुड़े डिजिटल सबूतों की जांच कर रही हैं।

स्वतंत्र भारद्वाज कौन हैं?
जानकारी के मुताबिक स्वतंत्र भारद्वाज मूल रूप से दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल गांव का रहने वाला है! परिवार के अनुसार उनका जन्म नवगछिया में हुआ और बाद में परिवार पटना में रहा।
उसने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था ! परिवार के मुताबिक उसे कनाडा में पढ़ाई का अवसर भी मिला था, लेकिन उसने दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को प्राथमिकता दी।
विवाद की शुरुआत कहां से हुई?
मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। पुलिस रिकॉर्ड और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 23 जून 2026 को प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट हुई थी।
शिकायत में स्वतंत्र भारद्वाज और एक अन्य व्यक्ति का नाम सामने आया था। उस समय मारपीट और गलत तरीके से रोकने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस की शुरुआती जांच में घायल व्यक्ति को सिर पर चोट लगने की बात सामने आई थी। बाद में मेडिकल रिपोर्ट और घटना की परिस्थितियों को लेकर जांच आगे बढ़ी।
फिर मामला अचानक इतना बड़ा कैसे हो गया?
विवाद तब तेज हो गया जब उसने एक पॉकेस्ट मे खुलेआम जंतरमंतर पर हुए मारपीट को ऑन कैमरा बोलना शुरू कर दिया उसने कहा मैंने संजय को मारा,जलवा है अपना। BJP के बड़े बड़े नेताओं से अपना याराना है। मतलब बड़े भाई हैं। जैसे ही पॉडकास्ट प्रसारित हुआ दुबारा से गिरफ्तारी को लेकर मांग शुरू हो गई।देखते ही देखते विवाद न्यायिक हिरासत तक पहुंच गया।चूंकि एक साक्ष्य तो खुद ही स्वतंत्र भारद्वाज ने पॉडकास्ट में दे दिया।अब पुलिस उसके शोशल मीडिया प्लेटफार्म की भी जांच शुरू कर दी है।
स्वतंत्र भारद्वाज ने बाद में अपने बचाव में कहा कि उसने जो किया वह आत्मरक्षा में किया गया कदम था !
गिरफ्तारी कब और कहां से हुई?
विवाद बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया। बाद में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें दिल्ली लाया गया और औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत के सामने पेश किया गया। अदालत ने पहले पुलिस को सीमित अवधि की हिरासत दी, ताकि मामले में पूछताछ की जा सके।
आज तक मामले में क्या-क्या हुआ?
मामले में अब तक जो बातें आईं वो ये है;.....
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार से कथित मारपीट।
घटना को लेकर एफआईआर और पुलिस जांच।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद विवाद दोबारा तेज होना।
कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव।
मामले में एससी/एसटी एक्ट से जुड़ी धाराओं और आपराधिक धमकी से संबंधित प्रावधानों को जोड़ा जाना।
नाबालिग छात्र कार्यकर्ता की शिकायत पर अलग एफआईआर दर्ज होना।
बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी।
अदालत से पुलिस हिरासत और उसके बाद एक दिन की न्यायिक हिरासत।
पुलिस द्वारा पूछताछ में 100 से अधिक सवाल किए जाने और वायरल वीडियो तथा सोशल मीडिया सामग्री की जांच।
| जंतर-मंतर मारपीट का मामला |
यह मुख्य मामला है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ मारपीट हुई और उन्हें सिर में चोट लगी। स्वतंत्र भारद्वाज इस मामले में आरोपी हैं। पुलिस ने बाद में मामले में एससी/एसटी एक्ट से संबंधित धाराएं और आपराधिक धमकी से जुड़े प्रावधान भी जोड़े।
| नाबालिग से जुड़ी अलग एफआईआर |
एक अलग शिकायत के आधार पर नाबालिग छात्र कार्यकर्ता से जुड़े कथित ऑनलाइन उत्पीड़न और धमकी के मामले में पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।
यह जंतर-मंतर की मारपीट वाली एफआईआर से अलग मामला है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इसमें ऑनलाइन धमकी, पीछा करने, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और बच्चे के यौन उत्पीड़न से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जांच की जा रही है।
आज पुलिस की पूछताछ में क्या हुआ?
जांच के दौरान पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज से 100 से अधिक सवाल पूछे। जांचकर्ताओं ने उनसे जुड़े वायरल वीडियो और सोशल मीडिया सामग्री को सामने रखकर घटनाक्रम को समझने की कोशिश की। पुलिस यह भी देख रही है कि उनके ऑनलाइन बयानों और जंतर-मंतर की घटना के बीच क्या संबंध है तथा घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था। यह जांच का हिस्सा है और पूछताछ में सामने आने वाली बातों को अदालत में सबूत के रूप में किस तरह देखा जाएगा, यह आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगी।
कोर्ट में अब क्या होगा?
रविवार को अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। अभियोजन की ओर से आगे की न्यायिक हिरासत की मांग की गई है। अब अगला महत्वपूर्ण चरण अदालत की सुनवाई है, जहां यह तय होगा कि उन्हें आगे न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा या मामले में कोई अन्य आदेश दिया जाएगा।
दरभंगा में परिवार का क्या कहना है?
स्वतंत्र भारद्वाज के पैतृक गांव ओझौल में उनके परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का दावा है कि घटना को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और दोनों पक्षों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। परिवार ने स्वतंत्र को निर्दोष बताते हुए कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा जताया है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल ?
स्वतंत्र भारद्वाज मामले में अब जांच के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं—जंतर-मंतर पर वास्तव में झड़प कैसे शुरू हुई, किसने किस पर हमला किया, चोट की वास्तविक प्रकृति क्या थी, वायरल वीडियो में किए गए दावों की परिस्थितियां क्या थीं और सोशल मीडिया से जुड़े आरोपों में किसकी क्या भूमिका रही।
इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच, मेडिकल दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान और अंततः न्यायिक प्रक्रिया से सामने आएगा।
स्वतंत्र भारद्वाज इस समय जंतर-मंतर विवाद से जुड़े आपराधिक मामले में आरोपी हैं और उनके खिलाफ एक अलग एफआईआर भी जांच के दायरे में है। उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है और अदालत ने फिलहाल न्यायिक हिरासत का आदेश दिया है।
ऐसे में स्वतंत्र के लिए आजका दिन अहम माना जाएगा।फिलहाल पुलिस ने मौके की नजाकत को देखते हुए सारी तैयारियां भी पूरी कर ली है। अब कोर्ट इस पूरे मामले में क्या कुछ फैसला सुनाती है इस बात पर दिल्ली के साथ साथ दरभंगा वासियों की भी नजर है।