नेपाल में जलप्रलय से 95 मौतें, 400 से ज्यादा लापता; 133 भारतीयों की तलाश, बिहार में NDRF अलर्ट—मुजफ्फरपुर पर भी नजर
पटना/काठमांडू: नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। 26 अगस्त 2026 की ताजा जानकारी के मुताबिक नेपाल में कम से कम 95 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इस आपदा का असर भारत तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए बिहार में भी प्रशासन को अलर्ट किया गया है।
नेपाल में 95 मौतों की पुष्टि, सैकड़ों लापता
नेपाल के रसुवा जिले और नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास अचानक आई बाढ़ ने घरों, सड़कों, पुलों और बिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में 95 लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में भी बचाव दलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
AP के अनुसार नेपाल में 403 लोगों के लापता होने की सूचना है। इनमें बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की है।
133 भारतीय नागरिक भी लापता
नेपाल की इस आपदा ने भारत की चिंता भी बढ़ा दी है। AP की रिपोर्ट के मुताबिक लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इनमें कई लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े बताए गए हैं। लापता भारतीयों को लेकर नेपाल और भारत की संबंधित एजेंसियां जानकारी जुटा रही हैं। राहत एवं खोज अभियान आगे बढ़ने के साथ लापता लोगों की सूची में बदलाव संभव है।
आखिर नेपाल में इतनी बड़ी तबाही कैसे हुई?
रिपोर्टों के मुताबिक हिमालयी क्षेत्र में भूस्खलन/बर्फ और चट्टानों के बड़े हिस्से के खिसकने से नदी का प्रवाह अचानक प्रभावित हुआ और इसके बाद तेज बाढ़ की स्थिति बनी। Reuters ने बताया कि भारी मात्रा में मलबा नदी में गिरने के बाद पानी का प्रवाह बेहद खतरनाक हो गया। इससे नदी किनारे बसे इलाकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।

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बिहार में बढ़ी चिंता, NDRF-SDRF अलर्ट
नेपाल की बाढ़ के बाद बिहार में भी संभावित प्रभाव को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उच्चस्तरीय बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक गंडक नदी से जुड़े बिहार के छह जिलों में NDRF और SDRF की टीमें तैनात/अलर्ट रखी गई हैं। बांधों और तटबंधों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुजफ्फरपुर पर क्यों है नजर?
नेपाल से निकलने वाली नदियों का बिहार के नदी तंत्र से सीधा संबंध है। खास तौर पर गंडक और उससे जुड़े जलप्रवाह में अचानक वृद्धि होने पर बिहार के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। मुजफ्फरपुर पहले से ही बागमती और अन्य नदियों के जलस्तर को लेकर संवेदनशील इलाकों में शामिल है। अगस्त की शुरुआत में भी बागमती के जलस्तर के खतरे के निशान से ऊपर जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
रेलवे ट्रैक और पुलों पर भी निगरानी क्यों जरूरी?
बाढ़ की स्थिति में नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने से रेलवे पुलों और ट्रैक की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसलिए संवेदनशील रेल पुलों और ट्रैक के आसपास जलस्तर की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि, मुजफ्फरपुर में नेपाल की बाढ़ के कारण ट्रेन सेवा रोक दिए जाने की अभी पुष्टि नहीं है। इसलिए यात्रियों को सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा करने के बजाय रेलवे की आधिकारिक सूचना देखने की सलाह दी जाती है।
बिहार में फिलहाल क्या तैयारी है?
सरकार की प्राथमिकता संभावित बाढ़ से पहले राहत और बचाव व्यवस्था को तैयार रखना है। NDRF और SDRF की टीमों को अलर्ट रखने के साथ नदी, बांध और तटबंधों की निगरानी पर जोर दिया गया है। अगर जलस्तर तेजी से बढ़ता है तो संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज की जा सकती है।
नेपाल की बाढ़ का भारत पर कितना असर?
नेपाल और भारत के बीच कई नदियों का जलप्रवाह जुड़ा हुआ है। नेपाल में ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक पानी बढ़ने पर उसका असर बिहार और उत्तर प्रदेश के निचले इलाकों पर पड़ सकता है। इसी वजह से नेपाल की मौजूदा आपदा को बिहार के लिए केवल पड़ोसी देश की खबर नहीं माना जा रहा, बल्कि सीमा-पार बाढ़ प्रबंधन और आपदा तैयारी के लिहाज से भी इसे गंभीरता से देखा जा रहा है।
Nepal Flood: नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड, तिब्बत से आया अचानक पानी; भारत पर भी नजर
नेपाल में फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है और 95 मौतों की पुष्टि के साथ सैकड़ों लोगों के लापता होने से चिंता बढ़ गई है। इनमें 133 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। दूसरी तरफ, नेपाल की आपदा को देखते हुए बिहार सरकार ने भी तैयारी तेज कर दी है और NDRF-SDRF को अलर्ट रखा गया है।
बिहार में फिलहाल सबसे बड़ा फोकस गंडक और अन्य नदियों के जलस्तर की निगरानी पर है। मुजफ्फरपुर समेत संवेदनशील इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अगर जलस्तर में असामान्य बढ़ोतरी होती है, तो प्रशासन और रेलवे की ओर से आगे आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।