लंदन में मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर गरमाई सियासत
लंदन | 17 अक्टूबर 2026 | inflowire
भारत में चुनावी प्रक्रिया को लेकर जारी विवाद अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी चर्चा में है। शनिवार को लंदन में भारत की चुनावी व्यवस्था और मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास प्रदर्शन का आह्वान यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी किया था। उन्होंने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की अपील की थी। इस मुद्दे पर लंदन में विचारों का टकराव भी देखने को मिला। रिपोर्टों के मुताबिक, जहां कुछ प्रदर्शनकारी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे, वहीं मोदी सरकार के समर्थकों ने जवाबी प्रदर्शन करते हुए सरकार के समर्थन में अपनी बात रखी।
यह पूरा विवाद भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों से जुड़ा है। विपक्षी समूहों ने कथित अनियमितताओं पर चिंता जताई है, जबकि चुनाव आयोग और भाजपा इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
आज के प्रदर्शन से बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत की चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद अब अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक बहस का हिस्सा बनेगा?