नेपाल में तबाही, 270 शव बरामद; 288 भारतीय अब भी लापता
काठमांडू/नई दिल्ली: नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है।
भारत सरकार नेपाल और चीन के अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित भारतीयों की जानकारी जुटाने के साथ उनकी मदद के प्रयास जारी हैं।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक नेपाल में संपर्क से बाहर बताए गए 590 पर्यटकों में 476 विदेशी नागरिक हैं। इनमें 177 भारतीय पर्यटक शामिल हैं। हालांकि यह आंकड़ा सभी लापता भारतीय नागरिकों का कुल आंकड़ा नहीं है, क्योंकि विदेश मंत्रालय की जानकारी में अन्य श्रेणियों के भारतीय भी शामिल हैं।
125 लोगों को रेस्क्यू किया गया
नेपाल की सेना और पुलिस ने हजारों जवानों को राहत एवं बचाव अभियान में लगाया है। रिपोर्टों के मुताबिक गुरुवार को बचाव अभियान में 125 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जिनमें 20 विदेशी नागरिक शामिल थे। हेलीकॉप्टरों की मदद से प्रभावित और घायल लोगों को सुरक्षित स्थानों तथा अस्पतालों तक पहुंचाया जा रहा है।
कैलाश मानसरोवर यात्रियों की चिंता बढ़ी
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटक और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लोग भी मौजूद थे। इसी वजह से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। भारत सरकार प्रभावित भारतीयों की जानकारी जुटाने और नेपाल प्रशासन के साथ समन्वय कर उनकी मदद करने में जुटी है।
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
नेपाल में राहत अभियान के लिए भारत की ओर से भी आवश्यक सामग्री और सहायता पहुंचाई जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत सरकार ने नेपाल के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की बात कही है।
अभी भी जारी है तलाश
नेपाल में तबाही के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। सुरक्षा बल नदी के किनारों, मलबे और निचले इलाकों में लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती दूरदराज के प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना और संपर्क से बाहर लोगों की सही स्थिति पता करना है।