नेपाल में कुदरत का कहर: 22 मौतें, 463 लापता; 133 भारतीयों की तलाश, भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
नई दिल्ली/काठमांडू: नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने तबाही का ऐसा मंजर पैदा किया है कि पूरा इलाका दहशत में है। रसुवा और आसपास के क्षेत्रों में अचानक आए तेज पानी ने घरों, सड़कों, पुलों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। शाम तक सामने आई जानकारी के मुताबिक मृतकों की संख्या 22 पहुंच गई है, जबकि लापता लोगों की संख्या को लेकर आंकड़े लगातार अपडेट हो रहे हैं। ताजा लाइव अपडेट में 463 लोगों के लापता होने की सूचना सामने आई है, जिनमें 133 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए गए हैं।
22 मौतों की पुष्टि, सैकड़ों लोगों की तलाश
नेपाल के Kathmandu Post ने शाम 6:20 बजे अपडेट करते हुए बताया कि फ्लैश फ्लड में 22 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और करीब 400 लोग अब भी लापता थे। खराब मौसम और संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण राहत एवं बचाव अभियान को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यानी यह सिर्फ बाढ़ की एक सामान्य घटना नहीं रह गई है। हिमालयी क्षेत्र में आई इस अचानक बाढ़ ने कई इलाकों को प्रभावित किया है और लापता लोगों की वास्तविक संख्या आने वाले घंटों में बदल सकती है।

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133 भारतीय भी लापता, परिवारों की बढ़ी चिंता
सबसे ज्यादा चिंता भारत के लिए इसलिए है क्योंकि लापता लोगों की सूची में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक शामिल हैं।
India Today की शाम 6:37 बजे की अपडेट के मुताबिक नेपाल के अधिकारियों की ओर से जारी डायनामिक सूची में 133 भारतीय पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई। सूची लगातार अपडेट की जा रही है और अलग-अलग देशों के नागरिक भी इसमें शामिल हैं।
लापता भारतीयों में कैलाश यात्रा से जुड़े यात्रियों के होने की भी जानकारी सामने आई है। ऐसे में भारत में कई परिवार अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित हैं।
लापता लोगों का आंकड़ा 463 तक पहुंचने की सूचना
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। नेपाल में लापता लोगों की संख्या को लेकर दिनभर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं, क्योंकि प्रभावित क्षेत्र में संचार व्यवस्था बाधित है और सूचियां लगातार अपडेट हो रही हैं। आजतक की शाम 6:34 बजे की लाइव अपडेट में लापता लोगों की संख्या 463 बताई गई, जिसमें 133 भारतीय, 52 अन्य विदेशी और 13 नेपाली नागरिकों की जानकारी दी गई। उसी लाइव कवरेज में बाद में 403 नेपाली और विदेशी पर्यटकों के लापता होने का अलग अपडेट भी आया।
इसलिए फिलहाल 463 को अंतिम आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। बचाव अभियान और पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ संख्या बदल सकती है।
आखिर इतनी बड़ी तबाही कैसे हुई?
फ्लैश फ्लड ने नेपाल के भोटेकोशी नदी क्षेत्र में अचानक विकराल रूप लिया। पानी का तेज बहाव रसुवा के अलावा आसपास के इलाकों तक पहुंचा और कई बस्तियों तथा महत्वपूर्ण ढांचों को नुकसान हुआ। रॉयटर्स के मुताबिक, घटना के पीछे हिमालयी क्षेत्र में बर्फ और चट्टान के बड़े हिस्से के खिसकने की आशंका जताई गई है। हालांकि घटना के सटीक कारण की जांच अभी जारी है।

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गांव, सड़क और पुल पानी में समाए
बाढ़ की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। रिपोर्टों के अनुसार घरों, वाहनों, पुलों और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है।
रॉयटर्स ने प्रभावित क्षेत्रों से तबाही की तस्वीर बताते हुए कहा कि कई बस्तियां बुरी तरह प्रभावित हुईं और कुछ जगहों पर नदी का पानी सामान्य स्तर से काफी ऊपर पहुंच गया।
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
नेपाल में बिगड़े हालात के बीच भारत सरकार ने सहायता की पेशकश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से बातचीत कर हरसंभव मानवीय सहायता का भरोसा दिया है।
भारत की ओर से राहत सामग्री और बचाव सहायता भेजने की तैयारी की गई है। भारत सरकार लापता भारतीयों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों की मदद के लिए भी नेपाल में संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है।
बिहार और यूपी पर भी नजर
नेपाल की इस आपदा का असर भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है। नेपाल से निकलने वाली नदियां बिहार और उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती हैं। इसी वजह से दोनों राज्यों में संभावित जलस्तर बढ़ोतरी को लेकर प्रशासन को सतर्क किया गया है।
India Today की शाम की अपडेट में बिहार में NDRF की टीमों की तैनाती और उत्तर प्रदेश में भी आपदा प्रबंधन तैयारियों की जानकारी दी गई है।
राहत-बचाव अभियान जारी
नेपाल सेना, पुलिस और स्थानीय बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में खोज अभियान चला रहे हैं। खराब मौसम, क्षतिग्रस्त सड़कें और संचार व्यवस्था में बाधा राहत कार्य को कठिन बना रही है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड से जुड़ी जानकारी के अनुसार लापता लोगों की सूची लगातार अपडेट की जा रही है। इसलिए जिन परिवारों के सदस्य प्रभावित क्षेत्र में थे, उनके लिए आने वाले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं।
| 7:43 PM तक सबसे बड़ा अपडेट क्या है? |
| 26 अगस्त 2026, शाम 7:43 बजे IST तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर |
| मौतें: कम से कम 22 ! | भारतीय लापता: 133 | कुल लापता: 463 तक पहुंचने की सूचना | मुख्य प्रभावित क्षेत्र: रसुवा और आसपास के इलाके | मुख्य नदी: भोटेकोशी | स्थिति: खोज एवं बचाव अभियान जारी |
नेपाल में लापता लोगों की तलाश अभी जारी है। सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित इलाकों तक पहुंच और संचार व्यवस्था को बहाल करना है। जैसे-जैसे बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचेंगे, मृतकों और लापता लोगों का आंकड़ा और स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल 22 मौतों और 133 भारतीयों के लापता होने की जानकारी बेहद गंभीर है, जबकि कुल लापता लोगों का आंकड़ा अलग-अलग अपडेट में बदल रहा है। इसलिए 463 को इस समय का ताजा रिपोर्टेड आंकड़ा माना जा सकता है, अंतिम आधिकारिक आंकड़ा नहीं।
INFLOWIRE NOTE : यह रिपोर्ट 26 अगस्त 2026 की शाम 7:43 बजे IST तक उपलब्ध विभिन्न विश्वसनीय रिपोर्टों और लाइव अपडेट के आधार पर तैयार की गई है। बचाव अभियान जारी होने के कारण आंकड़ों में बदलाव संभव है। किसी भी अपुष्ट दावे को अंतिम तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।