मुंबई में 10वीं मंजिल से गिरी नवविवाहिता, पेड़ ने बचाई जान
मुंबई: मुंबई के भांडुप पश्चिम इलाके में बुधवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। 26 वर्षीय नवविवाहिता कथित तौर पर एक इमारत की 10वीं मंजिल से नीचे गिर गई, लेकिन जमीन पर गिरने के बजाय पास मौजूद पेड़ की डालियों में फंस गई। करीब 20 से 25 फीट की ऊंचाई पर फंसी महिला को मुंबई फायर ब्रिगेड ने सुरक्षित नीचे उतारा।
पेड़ की डालियों में फंस गई महिला
घटना भांडुप पश्चिम के तुलशेतपाड़ा इलाके में स्थित सनशाइन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में हुई। अधिकारियों के मुताबिक महिला 10वीं मंजिल की खिड़की से नीचे गिरी और पास के पेड़ पर जाकर अटक गई।
फायर ब्रिगेड को सुबह करीब 9:32 बजे घटना की सूचना मिली। टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पेड़ पर फंसी महिला को रेस्क्यू करने का अभियान शुरू किया।
करीब 20 फीट की ऊंचाई पर अटकी थी
गिरने के दौरान पेड़ की एक मोटी डाल ने महिला को जमीन तक पहुंचने से रोक दिया। रिपोर्टों के मुताबिक वह जमीन से करीब 20-25 फीट ऊपर पेड़ में फंसी हुई थी।
मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम ने हुक लैडर और अन्य रेस्क्यू उपकरणों की मदद से महिला तक पहुंच बनाई और सावधानीपूर्वक उसे नीचे उतारा।
महिला को अस्पताल में कराया गया भर्ती
रेस्क्यू के बाद महिला को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसके पैर में गंभीर चोट आई है और बाद में उसे इलाज के लिए सायन अस्पताल रेफर किया गया। रिपोर्टों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बताई गई है।
चार महीने पहले हुई थी शादी
पुलिस के मुताबिक महिला की शादी करीब चार महीने पहले हुई थी। महिला की पहचान प्रतीक्षा हिवराले के रूप में बताई गई है।
पुलिस अभी उसके बयान दर्ज नहीं कर सकी है, क्योंकि उसकी मेडिकल स्थिति इसके लिए अनुकूल नहीं है। पुलिस का कहना है कि उसके बयान के बाद घटना की परिस्थितियों को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना की वजह अभी स्पष्ट नहीं
महिला ने किन परिस्थितियों में 10वीं मंजिल की खिड़की से छलांग लगाई, इसकी वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और महिला के बयान के बाद घटना के कारणों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
फायर ब्रिगेड की तत्परता से बची जान
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि ऊंचाई से गिरने जैसी आपात स्थिति में तत्काल रेस्क्यू कितना महत्वपूर्ण होता है। मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ में फंसी महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा।