अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा, होर्मुज पर दुनिया की नजर
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई दे रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सप्ताहांत में दोनों पक्षों के बीच समुद्री क्षेत्र में कार्रवाई के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से टैंकर यातायात काफी कम हुआ है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड करीब 97 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI भी 92 डॉलर के आसपास रहा। होर्मुज दुनिया के महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है, इसलिए यहां लंबे समय तक व्यवधान रहने पर वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। ईरान ने होर्मुज के आसपास प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने की बात कही है, जबकि अमेरिका की कार्रवाई और आगे बढ़ने की आशंका ने बाजार की चिंता बढ़ाई है। अगर तनाव और बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। तेल की कीमत, शिपिंग लागत और आयात करने वाले देशों की अर्थव्यवस्था पर भी दबाव पड़ सकता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध: अमेरिकी दूतों की कीव यात्रा, लेकिन बड़ी सफलता नहीं
यूक्रेन में युद्ध खत्म कराने की कोशिशों के बीच अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की कीव यात्रा खत्म हो गई है। हालांकि बातचीत में युद्ध समाप्त करने को लेकर कोई बड़ी सफलता सामने नहीं आई। यूक्रेन की ओर से एयर डिफेंस, खासकर Patriot सिस्टम, और आने वाली सर्दियों के लिए ऊर्जा एवं रक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
इस बीच रूस और यूक्रेन के बीच हमलों का सिलसिला जारी रहने की रिपोर्ट है। इसका मतलब है कि कूटनीतिक बातचीत के बावजूद जमीन पर तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है।
उत्तर कोरिया ने दूसरी 5,000 टन की युद्धपोत क्षमता जोड़ी
उत्तर कोरिया ने अपनी नौसैनिक ताकत बढ़ाते हुए करीब 5,000 टन के दूसरे विध्वंसक युद्धपोत को नौसेना में शामिल किया है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की मौजूदगी में जहाज की कमीशनिंग हुई। रिपोर्ट के मुताबिक यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं।
उत्तर कोरिया लगातार अपनी मिसाइल और परमाणु क्षमता के साथ नौसैनिक ताकत को भी विस्तार देने की कोशिश कर रहा है। इससे कोरियाई प्रायद्वीप में सुरक्षा तनाव और बढ़ सकता है।
जर्मनी में दक्षिणपंथी AfD को बड़ी चुनावी बढ़त
जर्मनी के Saxony-Anhalt क्षेत्रीय चुनाव में Alternative for Germany यानी AfD ने बड़ी बढ़त हासिल की है, हालांकि पार्टी बहुमत से दूर रही। यह परिणाम यूरोप में दक्षिणपंथी राजनीति के बढ़ते प्रभाव की बहस को फिर तेज कर सकता है।
एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख
सोमवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखा गया। जापान के Nikkei में करीब 1.7% और दक्षिण कोरिया के Kospi में करीब 3.3% की बढ़त दर्ज हुई। चिप और AI से जुड़ी कंपनियों में मजबूती बाजार की तेजी की प्रमुख वजहों में रही। वहीं दूसरी तरफ तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।