नेपाल में तबाही के बीच भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री की दूसरी खेप रवाना।
नेपाल संकट में भारत की बड़ी मदद
नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बीच भारत ने राहत और बचाव प्रयासों में सहयोग बढ़ा दिया है। भारत ने बुधवार को पहली खेप में 10 टन मानवीय सहायता और जरूरी चिकित्सा सामग्री नेपाल भेजी थी। अब भारतीय वायुसेना का C-17 विमान 35 टन से अधिक राहत सामग्री लेकर नेपाल के लिए रवाना हुआ है।
इस कदम को भारत की ओर से नेपाल के लिए मानवीय सहायता अभियान को आगे बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है। नेपाल में बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और राहत-बचाव अभियान जारी है।
पहली खेप में क्या भेजा गया था?
भारतीय वायुसेना के C-130J विमान के जरिए पहली खेप नेपाल भेजी गई थी। इसमें करीब 10 टन मानवीय सहायता और चिकित्सा सामग्री शामिल थी।
राहत सामग्री में अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयों जैसी जरूरी चीजें शामिल थीं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी नेपाल के लिए 10 टन HADR सहायता भेजे जाने की जानकारी साझा की थी।
अब 35 टन से अधिक राहत सामग्री की दूसरी खेप
ताजा जानकारी के मुताबिक भारतीय वायुसेना का अगला C-17 विमान 35 टन से अधिक राहत सामग्री लेकर दिल्ली के हिंडन एयरबेस से नेपाल के लिए रवाना किया जाना था। इस खेप का उद्देश्य नेपाल में चल रहे राहत और बचाव प्रयासों को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराना है।
भारत की ओर से अतिरिक्त राहत सामग्री भेजने की जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने और कई लोगों के लापता होने की खबरें सामने आ रही हैं।
पीएम मोदी ने नेपाल को दिया मदद का भरोसा
नेपाल में आपदा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बातचीत कर भारत की ओर से हरसंभव मानवीय सहायता का भरोसा दिया था।
पीएम मोदी ने कहा था कि भारत मुश्किल की इस घड़ी में नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है और राहत एवं बचाव प्रयासों में सहयोग के लिए भारतीय टीमें समन्वय कर रही हैं।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भी भारत की सहायता और प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन के लिए आभार जताया है। उन्होंने भारत-नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों और इस मुश्किल समय में मिले सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
नेपाल में जारी है राहत और बचाव अभियान
नेपाल में आई फ्लैश फ्लड ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के साथ कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।
भारत की ओर से राहत सामग्री भेजे जाने के साथ-साथ भारतीय नागरिकों के संबंध में भी अधिकारियों द्वारा नेपाल के साथ समन्वय किया जा रहा है।
भारत-नेपाल की दोस्ती का मानवीय पक्ष
आपदा के समय पड़ोसी देश की मदद करना भारत-नेपाल संबंधों का एक महत्वपूर्ण मानवीय पहलू रहा है। इस बार भी भारत ने राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता भेजकर नेपाल के राहत अभियान में सहयोग बढ़ाया है।