INDIA ब्लॉक की महारैली में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना; ममता, अखिलेश और तेजस्वी ने भी सरकार को घेरा
New Delhi | 2 Nov 2026 | Inflowire
1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की बड़ी महारैली आयोजित हुई। इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए।
रैली का मुख्य मुद्दा कथित 'वोट चोरी', चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर था। अलग-अलग नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखे राजनीतिक हमले किए।
नई दिल्ली। देश की राजनीति में चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूची को लेकर जारी विवाद के बीच विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने रविवार, 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में महारैली आयोजित की। 'वोट बचाओ, देश बचाओ' के मुद्दे पर आयोजित इस रैली में विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं ने मंच से अपनी बात रखी।
रैली में मुख्य रूप से चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा गया।
आइए जानते हैं कि INDIA ब्लॉक की इस महारैली में किस नेता ने क्या कहा और उनके भाषणों के प्रमुख राजनीतिक संदेश क्या रहे।
>> राहुल गांधी ने PM मोदी और अमित शाह को दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सबसे तीखा हमला बोला।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं और मतदाताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सबसे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार के बाद इन दोनों नेताओं के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने अपने संबोधन में चेतावनी दी कि देश में कथित वोट चोरी के मामले में विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष का उद्देश्य हिंसा या नफरत फैलाना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के अधिकारों की रक्षा करना है।
>> मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- वोट देने वालों को चुनने की कोशिश हो रही है
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार और चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में ऐसी स्थिति बनाई जा रही है, जहां जनता अपनी पसंद का प्रतिनिधि चुनने के बजाय यह तय करने की कोशिश का सामना कर रही है कि कौन वोट डाल पाएगा।
खड़गे ने महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की सरकारों को लेकर भी राजनीतिक आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखेगा और जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनकी लड़ाई खत्म नहीं होगी।
खड़गे ने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष केंद्रीय एजेंसियों और सरकारी कार्रवाई से डरने वाला नहीं है।उनके भाषण का मुख्य संदेश लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के नाम पर विपक्षी एकजुटता को मजबूत करना रहा।
>> ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रैली में पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के कारण बंगाल के मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल इस प्रक्रिया से प्रभावित है और उनकी पार्टी इसके खिलाफ राजनीतिक लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए सवाल किया, 'ज्ञानेश, कब गायब होगे?' ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में यह संदेश देने की कोशिश की कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की लड़ाई केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है।
>> अखिलेश यादव ने 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर किया बड़ा दावा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामलीला मैदान की रैली को लोकतंत्र की लड़ाई से जोड़ते हुए इसे 'लोकतंत्र की हल्दीघाटी' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग और मतदाता सूची की प्रक्रिया का इस्तेमाल कर रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी ने कथित वोट चोरी से संबंधित सबूतों के साथ चुनाव आयोग को हलफनामा दिया, लेकिन उन्हें अपेक्षित जवाब नहीं मिला।
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर बात करते हुए अखिलेश ने 2027 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता आगामी चुनाव में बीजेपी और उसके सहयोगियों को सत्ता से बाहर करने का काम करेगी।
उनके भाषण में 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारी और विपक्षी एकजुटता का संदेश प्रमुख रहा।
>> तेजस्वी यादव ने महाभारत के शकुनि का किया जिक्र
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और RJD नेता तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में महाभारत का उदाहरण देते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा।
तेजस्वी ने कहा कि रामलीला मैदान में सामान्य तौर पर रामायण की प्रस्तुति होती है, लेकिन आज यहां वोट चोरी करने वालों के खिलाफ महाभारत की लड़ाई हो रही है। उन्होंने महाभारत के शकुनि और पासे के खेल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि देश की चुनावी प्रक्रिया के साथ भी इसी तरह का खेल किया जा रहा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में जिन लोगों की भूमिका नहीं रही, वे आज दूसरों को देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांट रहे हैं।
उन्होंने लोगों से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।
>> रैली में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने संविधान और नागरिकों के मताधिकार का मुद्दा उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी संविधान से मिले अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।महबूबा मुफ्ती ने विपक्षी दलों से एकजुट होकर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करने की अपील की।
वहीं, CPI(M) के महासचिव एमए बेबी ने भी वोट चोरी के आरोपों और लोकतंत्र की रक्षा के मुद्दे पर विपक्षी एकता की जरूरत बताई।
CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने SIR को लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
>> सलमान खुर्शीद और राजीव शुक्ला ने भी चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर नहीं होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किन आधारों पर लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए।
उनका कहना था कि यह आंदोलन केवल एक रैली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आगे भी जारी रहेगा। कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए और उनके इस्तीफे की मांग की।
>> बीजेपी ने INDIA ब्लॉक की रैली पर किया पलटवार
विपक्षी दलों की इस महारैली के बाद बीजेपी ने भी INDIA ब्लॉक पर जोरदार हमला बोला। बीजेपी सांसद और पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने रैली को फ्लॉप बताते हुए दावा किया कि रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया था, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोग कहां थे?
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के भाषण पर भी निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए मेहनत और जनता का समर्थन जरूरी है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी विपक्षी रैली पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने के बावजूद मैदान पूरी तरह नहीं भर पाया। बीजेपी नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक अभियान करार दिया।
>> INDIA ब्लॉक की रैली से क्या निकलेगा राजनीतिक संदेश?
दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई इस रैली ने एक बार फिर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच चुनावी पारदर्शिता को लेकर टकराव को सामने ला दिया है।विपक्षी दलों ने SIR, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग की भूमिका को अपने राजनीतिक अभियान का मुख्य मुद्दा बनाया है।वहीं बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए रैली की सफलता और विपक्ष की राजनीतिक मंशा पर सवाल उठाए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे विवादों का समाधान किस तरह निकलेगा और क्या विपक्ष इस मुद्दे को आने वाले विधानसभा चुनावों तक एक बड़े राजनीतिक अभियान में बदल पाएगा?
फिलहाल इतना साफ है कि दिल्ली की इस महारैली के बाद देश की राजनीति में चुनाव आयोग, SIR और कथित वोट चोरी का मुद्दा और अधिक चर्चा में रहने वाला है।