INDIA गठबंधन की रैली को BJP ने बताया भारत विरोधी, 1 नवंबर को दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन
New Delhi | INFLOWIRE
1 नवंबर को दिल्ली में विपक्ष की महारैली. लेकिन उससे पहले बीजेपी ने ऐसा बयान दिया है जिसने सियासी टकराव बढ़ा दिया है। आखिर रैली की तारीख और मुद्दे पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
एक तरफ INDIA गठबंधन का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान, दूसरी तरफ बीजेपी का पलटवार। क्या दिल्ली की यह रैली राष्ट्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा करेगी?
नई दिल्ली : दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की महारैली से पहले भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए उसे ‘भारत विरोधी ताकतों’ से जोड़कर टिप्पणी की है। वहीं विपक्ष इस रैली के जरिए चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाने की तैयारी में है।
बीजेपी ने क्या कहा?
26 अक्टूबर को भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर संदेश जारी करते हुए कहा कि ‘मोदी कहीं नहीं जाएंगे’। पार्टी की यह टिप्पणी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान के बाद आई है । इससे दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।
1 नवंबर को दिल्ली में क्या होगा?
INDIA गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली आयोजित करने की तैयारी में है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग से जवाबदेही तय होनी चाहिए। गठबंधन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठा रहा है।
रैली की तारीख पर भी विवाद
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद समेत पार्टी के नेताओं ने 1 नवंबर को रैली आयोजित करने पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह तारीख 1984 के सिख-विरोधी हिंसा की बरसी से जुड़ी है और इससे सिख समुदाय की भावनाएं आहत हो सकती है। दूसरी ओर विपक्ष की रैली का घोषित मुद्दा चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकार है।
दिल्ली के कुछ व्यापारी संगठनों ने भी त्योहारों के दौरान यातायात प्रतिबंध और कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताते हुए रैली की तारीख बदलने की मांग की है।
1 नवंबर की रैली से पहले भाजपा और INDIA गठबंधन के बीच राजनीतिक मुकाबला तेज होता दिखाई दे रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि विपक्ष अपनी रैली में कितना समर्थन जुटाता है और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों पर निर्वाचन आयोग तथा सत्तापक्ष की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।
INDIA गठबंधन की प्रस्तावित महारैली ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। भाजपा के हमले, तारीख को लेकर विवाद और विपक्ष के चुनावी आरोपों के बीच 1 नवंबर का कार्यक्रम राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से अहम रहने वाला है।