दिल्ली सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा:दिल्ली हाई कोर्ट में आज होगी सुनवाई
Delhi : हादसे के बाद NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और अन्य राहत एजेंसियों ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की। सोमवार को भी तलाशी अभियान जारी रहा। रिपोर्टों के मुताबिक अब तक कई लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है।
मौतों का आंकड़ा बढ़ा
7 सितंबर की दोपहर तक उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 7 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि बचाव अभियान और अस्पतालों से मिलने वाले अपडेट के कारण शुरुआती घंटों में आंकड़ा लगातार बदलता रहा। रिपोर्ट के मुताबिक सात लोगों की मौत की जानकारी मिल रही है।
दिल्ली हाई कोर्ट में आज होगी सुनवाई
मामले की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ के सामने किया जाएगा। हादसे की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने मामले को आज ही सुनने पर सहमति जताई है। याचिका में भवनों की सुरक्षा, PG और छात्र आवासों की स्थिति तथा हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने जैसे मुद्दे उठाए गए हैं।
CM रेखा गुप्ता पहुंचीं घटनास्थल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार सुबह सत्य निकेतन पहुंचकर राहत और बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से मलबे में चल रहे तलाशी अभियान और आसपास की इमारतों की सुरक्षा के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि हादसे में अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने पुराने और सार्वजनिक इस्तेमाल वाली इमारतों की सुरक्षा को लेकर व्यापक जांच की बात भी कही है।
पांचवीं मंजिल वाले भवनों पर सरकार का फोकस
हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने दिल्ली में पांचवीं मंजिल वाले भवनों की जांच और नियमों का उल्लंघन मिलने पर सीलिंग के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सत्य निकेतन और आसपास के इलाकों में मौजूद PG तथा बहुमंजिला इमारतों की भी जांच करने को कहा गया है। यदि किसी भवन में निर्माण नियमों का उल्लंघन या सुरक्षा संबंधी गंभीर कमी मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई सिर्फ हादसे वाली इमारत तक सीमित नहीं रहने वाली है। प्रशासन अब समान प्रकार की इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच करने की तैयारी में है।
हादसे की वजह क्या सामने आई?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इमारत के बेसमेंट में पानी जमा होने और वहां चल रहे मरम्मत कार्य को हादसे से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि दुर्घटना की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
भवन मालिक के खिलाफ FIR, तलाश तेज
हादसे के बाद भवन मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है और उसके खिलाफ Look Out Circular जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए कई टीमें लगाई हैं। जांच का मुख्य उद्देश्य हादसे से पहले भवन में किए जा रहे निर्माण या मरम्मत कार्य, भवन की वैधता और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की जांच करना है।
MCD अधिकारियों पर भी कार्रवाई के संकेत
मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि अगर जांच में किसी MCD अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच सोमवार को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत पांच अधिकारियों को निलंबित किया है। यह कार्रवाई हादसे के बाद प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आगे क्या होगा?
सत्य निकेतन का हादसा सिर्फ एक इमारत के गिरने का मामला नहीं रह गया है। इसके बाद दिल्ली में PG और बहुमंजिला भवनों की सुरक्षा, अवैध निर्माण, भवनों के रखरखाव और सरकारी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
फिलहाल हाई कोर्ट की सुनवाई और प्रशासनिक जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हादसे के पीछे वास्तविक कारण क्या था और जिम्मेदारी किसकी बनती है।