Sunday, November 08, 2026
अलीनगर फैशन
INDIA

दिल्ली में दो मुस्लिम महिला पत्रकारों ने पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप, प्रेस संगठनों ने जांच की मांग की; पुलिस ने आरोपों को बताया गलत

Inflowire

Published on Sep 04, 2026 • 46 views
News Image

Source: Official Source

Audio Brief

Listen to this news

Approx. 1 min listen

Ready to play
0:00 1:00

दिल्ली में दो मुस्लिम महिला पत्रकारों ने पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप, प्रेस संगठनों ने जांच की मांग की; पुलिस ने आरोपों को बताया गलत

नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के साकेत इलाके में दो मुस्लिम महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों पर हिरासत में लेने और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला उस कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मैक्स अस्पताल के एक नए विंग के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे।

पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान के मुताबिक, वे कार्यक्रम की रिपोर्टिंग करने पहुंची थीं और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने की कोशिश कर रही थीं। उनका आरोप है कि इसके बाद उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया और साकेत थाने ले जाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई।

दोनों पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाए हैं। शाहीन खान ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों को उनकी धार्मिक पहचान यानी उसके मुसलमान होने का पता चलने के बाद कथित मारपीट और बढ़ गई। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। पत्रकारों ने मेडिकल जांच के लिए एम्स जाने की बात कही है, जिसके बाद चोटों का चिकित्सकीय रिकॉर्ड तैयार किया जाना है।

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाओं ने कार्यक्रम स्थल के पास अपना स्कूटर निर्धारित VVIP मार्ग पर खड़ा कर दिया था, जिससे मार्ग बाधित हो रहा था। पुलिस का कहना है कि वाहन हटाने और रास्ता खाली करने के लिए बार-बार निर्देश दिए गए, लेकिन पालन नहीं किया गया।

पुलिस के अनुसार, VVIP सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दोनों मुस्लिम महिला पत्रकारों  को आगे की पूछताछ के लिए स्थानीय थाने ले जाया गया। दक्षिण जिले के डीसीपी अनंत मित्तल की ओर से जारी बयान में पत्रकारों को सवाल पूछने के कारण पीटे जाने के आरोपों को गलत, भ्रामक और निराधार बताया गया है।

पत्रकार संगठनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

मामले पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, इंडियन वुमेन्स प्रेस कॉर्प्स, दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, प्रेस एसोसिएशन और केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने चिंता जताई है।

इन संगठनों ने पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि घटना की स्वतंत्र जांच के जरिए पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए।

सवाल अभी बाकी हैं

इस पूरे मामले में फिलहाल दो अलग-अलग दावे सामने हैं। पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें सवाल पूछने के बाद हिरासत में लेकर पीटा गया और धार्मिक पहचान सामने आने के बाद कथित दुर्व्यवहार और बढ़ गया । वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों को VVIP मार्ग बाधित करने के कारण पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया और मारपीट के आरोप पूरी तरह गलत है।

ऐसे में मेडिकल रिपोर्ट, उपलब्ध CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों के दावों और जांच के नतीजों को देखना जरूरी है।

 

Article Ad
Tags: दिल्ली पुलिस मुस्लिम महिला पत्रकार पत्रकार से मारपीट शाहीन खान नफीसा खान साकेत थाना दिल्ली न्यूज दिल्ली पुलिस विवाद महिला पत्रकार विवाद पत्रकार सुरक्षा प्रेस क्लब ऑफ इंडिया पत्रकार संगठनों की मांग अमित शाह रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री VVIP सुरक्षा पत्रकारिता की स्वतंत्रता मीडिया फ्रीडम Delhi Police Women Journalists Journalist Assault Case

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment.

Sidebar Ad
Newsletter

Get the most important stories delivered to your inbox.