दरभंगा में डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग से 35.74 लाख की ठगी, साइबर पुलिस ने पूरी रकम कराई वापस
INFLOWIRE / Darbhanga
CRIME NEWS: बिहार के दरभंगा में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने एक 73 वर्षीय सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 35 लाख 74 हजार रुपये की ठगी कर ली। हालांकि राहत की बात यह है कि दरभंगा साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ठगी की पूरी रकम वापस करा दी है।
कैसे बुजुर्ग को बनाया गया डिजिटल अरेस्ट का शिकार?
मामला दरभंगा के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के लक्ष्मी सागर गंगवाड़ा इलाके से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़ित सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी राम बहादुर कामत को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर अपने जाल में फंसाया।
ठगों ने ऐसा माहौल बनाया कि पीड़ित को लगा कि वह किसी गंभीर कानूनी कार्रवाई में फंस चुके हैं। इसके बाद उनसे अलग-अलग तरीके से पैसे ट्रांसफर कराए गए और कुल ₹35.74 लाख की साइबर ठगी हो गई।
साइबर पुलिस ने वापस कराई पूरी रकम
ठगी की शिकायत सामने आने के बाद दरभंगा साइबर थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की। पुलिस की कोशिशों के बाद पीड़ित के खाते से ठगी गई पूरी 35 लाख 74 हजार रुपये की रकम वापस करा दी गई।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, दरभंगा जिले में साइबर फ्रॉड की इतनी बड़ी रकम वापस कराने का यह पहला मामला बताया गया है।
क्या होता है डिजिटल अरेस्ट?

डिजिटल अरेस्ट कोई वास्तविक कानूनी गिरफ्तारी नहीं है। साइबर अपराधी फोन या वीडियो कॉल के जरिए खुद को पुलिस, CBI, ED, नारकोटिक्स विभाग या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं।
इसके बाद पीड़ित को गिरफ्तारी, मनी लॉन्ड्रिंग या किसी आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी जाती है। कई मामलों में ठग पीड़ित को वीडियो कॉल पर बने रहने और किसी से संपर्क नहीं करने के लिए कहते हैं। डर का फायदा उठाकर बैंक खाते या पैसे की जानकारी लेकर ठगी की जाती है।
लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
किसी भी सरकारी एजेंसी का अधिकारी वीडियो कॉल पर आपको घंटों बैठाकर पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर नहीं करता। अगर कोई व्यक्ति पुलिस या किसी जांच एजेंसी के नाम पर डराकर पैसे मांगता है तो तुरंत सावधान हो जाएं।
- अनजान वीडियो कॉल पर किसी अधिकारी की पहचान पर भरोसा न करें।
- OTP, PIN, बैंक डिटेल या पासवर्ड साझा न करें।
- डर के कारण किसी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें।
- परिवार के किसी सदस्य या भरोसेमंद व्यक्ति को तुरंत जानकारी दें।
- साइबर ठगी होने पर तत्काल बैंक और साइबर अपराध हेल्पलाइन/पुलिस को सूचना दें।
दरभंगा का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर अपराधी बुजुर्गों को डर और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर बड़ी रकम ठगने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले में राहत की बात यह है कि साइबर पुलिस की कार्रवाई से ₹35.74 लाख की पूरी रकम वापस कराई जा सकी है।