बिरौल में नाबालिग लड़की से जुड़े मामले में त्वरित कार्रवाई, 2 आरोपी गिरफ्तार
दरभंगा: बिरौल थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के अपहरण, दुष्कर्म और पीड़िता के परिजनों के साथ मारपीट से जुड़े मामले में दरभंगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक विधि-विरुद्ध बालक को भी निरुद्ध किया है। यह जानकारी दरभंगा पुलिस के द्वारा दी गई है।
पुलिस के अनुसार, मामले में बिरौल थाना में कांड संख्या 681/2026, दिनांक 25 सितंबर 2026 दर्ज किए गए प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत कार्रवाई की गई है।
4 घंटे के भीतर पुलिस की कार्रवाई
दरभंगा पुलिस के मुताबिक, घटना से संबंधित शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब चार घंटे के अंदर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक विधि-विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया।
पुलिस ने मामले में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन भी बरामद करने की बात कही है।
24 सितंबर को बिरौल से दरभंगा पहुंची थी पीड़िता
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच के दौरान सामने आया कि मामले से जुड़ी पीड़िता, आरोपी और आरोपी का सहयोगी मोटरसाइकिल से 24 सितंबर 2026 को सुबह करीब 3 बजे बिरौल थाना क्षेत्र से निकले और दरभंगा रेलवे स्टेशन पहुंचे।
इसके बाद जीआरपी पुलिस पदाधिकारी ने संदिग्ध अवस्था में पूछताछ के लिए उन्हें जीआरपी थाना दरभंगा लाया। मामले की जानकारी मिलने पर पीड़िता और आरोपी के परिजनों को दूरभाष के माध्यम से सूचना दी गई।
पुलिस के मुताबिक, परिजन जीआरपी दरभंगा पहुंचे। वहां पीड़िता और आरोपी के परिजनों की ओर से आपसी समझौते के प्रयास की बात भी पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में सामने आई है।
पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा
दरभंगा पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार/निरुद्ध किए गए लोगों में:
प्रवीण मांझी पिता- जामुन मांझी
जामुन मांझी, पिता- स्वर्गीय रामबहादुर मांझी
एक विधि-विरुद्ध बालक
दोनों आरोपी मजराही, थाना बिरौल, जिला दरभंगा के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस के अनुसार मामले में:
मोटरसाइकिल: BR33AF5553,
एक मोबाइल फोन
बरामद किया गया है।
पुलिस जांच जारी
दरभंगा पुलिस ने बताया कि मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख है कि जांच में पीड़िता और आरोपी पक्ष के बीच रिश्तेदारी तथा मामले के प्रेम प्रसंग से संबंधित होने की बात सामने आई है।
हालांकि, मामले के आरोपों और घटनाक्रम पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निकलेगा।