आशुतोष रांका और सौरव दास ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा, हिरासत के आदेश को दी चुनौती
नई दिल्ली | 20 अक्टूबर 2026 | Inflowire
नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की कानूनी लड़ाई अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गई है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में दोनों की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाए जाने के बाद पार्टी ने इस आदेश को चुनौती दी है। अब इस मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई और संभावित राहत पर सबकी नजरें टिकी हैं।
ज्ञात हो कि आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शन के दौरान निर्धारित नियमों का उल्लंघन हुआ और पहले से लागू शांति बनाए रखने की शर्तों का पालन नहीं किया गया। इसलिए इन दोनों नेताओं को पहले हिरासत में लिया गया बाद में इनलोगों को तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
हालाकिं CJP की माने तो ये दोनों नेता जंतरमंतर पर तिरंगा फहरा रहे थे जहां से पुलिस ने डिटेन किया था बाद में जेल भेजा गया।
अब इस मामले में उनकी कानूनी टीम ने मजिस्ट्रेट के समक्ष जमानत और रिहाई की कोशिश की। लेकिन जमानतदारों से जुड़े सवालों के बीच दोनों की हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया गया। अब इस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
याचिका में क्या दलील दी गई?
रिपोर्टों के मुताबिक, याचिका में हिरासत बढ़ाने के आदेश की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। बचाव पक्ष का कहना है कि जमानतदारों को स्वीकार नहीं करने और हिरासत जारी रखने के लिए पर्याप्त कानूनी आधार नहीं बताया गया। याचिका में तत्काल सुनवाई और दोनों की रिहाई की मांग भी की गई है।
इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या दिल्ली हाईकोर्ट हिरासत के आदेश पर राहत देगा या दोनों को फिलहाल जेल में ही रहना पड़ेगा। मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार उनकी न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई है।
फिलहाल स्थिति यही है कि आशुतोष रांका और सौरव दास ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती दी है और रिहाई की मांग की है। आगे इस मामले में अदालत के अगले आदेश का भी इंतजार है।