अभिजीत दीपके को NDA में शामिल होने का ऑफर! केंद्रीय मंत्री ने दिया न्योता, CJP प्रमुख का क्या होगा अगला कदम?
Inflowire News Desk / 18 August 2026
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार के एक मंत्री ने अभिजीत दीपके को NDA में शामिल होने का न्योता दिया है। इस खबर के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
CJP से राजनीति में आने की चर्चा तेज
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके हाल के महीनों में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में रहे हैं। CJP की ओर से पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर कई विरोध कार्यक्रम भी किए गए हैं।
हालांकि, अभिजीत दीपके पहले यह संकेत दे चुके हैं कि उनका तत्काल किसी पारंपरिक राजनीतिक दल में शामिल होने का इरादा नहीं है। जुलाई 2026 में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि कोई राजनीतिक पार्टी जॉइन करने के बजाय संगठन की आगे की रणनीति पर काम किया जाएगा।
अब NDA में शामिल होने का ऑफर?
लाइव हिन्दुस्तान की 18 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, एक केंद्रीय मंत्री ने अभिजीत दीपके को NDA में शामिल होने का न्योता दिया है। हालांकि, रिपोर्ट में मंत्री का नाम स्पष्ट रूप से सामने नहीं रखा गया है।
यही वजह है कि फिलहाल इस खबर को राजनीतिक प्रस्ताव/न्योते के रूप में देखा जा रहा है, न कि CJP के NDA में शामिल होने के अंतिम फैसले के रूप में।
खबर थोड़ा हटके...
CJP ने सरकार को दिया 10 दिन का समय
अभिजीत दीपके का रुख क्या रहा है?
अभिजीत दीपके इससे पहले भी किसी स्थापित राजनीतिक दल में शामिल होने की अटकलों पर अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं। जुलाई में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था कि CJP किसी राजनीतिक पार्टी को जॉइन नहीं करेगी और आगे की रणनीति के लिए अलग तरह के रिस्पॉन्स ग्रुप पर काम किया जाएगा।
CJP की गतिविधियों और संगठन विस्तार को लेकर भी हाल के दिनों में लगातार चर्चा हुई है। अगस्त की शुरुआत में CJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई थी और देशभर में संगठन विस्तार की बात सामने आई थी।
क्या NDA के प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे दीपके?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अभिजीत दीपके NDA की ओर से मिले कथित न्योते पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
यदि दीपके इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं तो यह CJP की आगे की राजनीतिक दिशा में बड़ा बदलाव माना जा सकता है। वहीं, अगर वे अपने पुराने रुख पर कायम रहते हैं तो CJP स्वतंत्र राजनीतिक-सामाजिक अभियान के रूप में अपनी गतिविधियां आगे बढ़ा सकती है।
फिलहाल अभिजीत दीपके की ओर से इस कथित ऑफर को स्वीकार करने की कोई पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए NDA में शामिल होने की खबर को अभी अंतिम राजनीतिक निर्णय के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

पश्चिम बंगाल में CJP समर्थक के पिता की मौत का मामला गरमाया
पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के बां +कुड़ा जिले में CJP (Cockroach Janta Party) समर्थक के पिता की मौत का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। घटना को लेकर CJP ने राज्य सरकार से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और मामले में कार्रवाई के लिए 10 दिनों का समय दिया है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्टों के मुताबिक, बां +कुड़ा जिले के इंदास थाना क्षेत्र के करिशुंडा गांव में CJP समर्थक अब्दुल हाफिज और उनके पिता पर कथित तौर पर हमला किया गया था। बताया गया है कि अब्दुल हाफिज अपने पुराने स्कूल की स्थिति का वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान विवाद और कथित मारपीट की घटना सामने आई।
हमले में उनके पिता गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई। मामले को लेकर CJP ने गंभीर आरोप लगाए हैं और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
CJP ने सरकार को दिया 10 दिन का समय
CJP नेतृत्व ने पश्चिम बंगाल सरकार से मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग की है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार CJP की ओर से सरकार को 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है।
साथ ही स्थानीय पुलिस की भूमिका और मामले की जांच को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
भाजपा ने आरोपों से किया इनकार
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। CJP की ओर से भाजपा से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भाजपा का इस घटना से संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों में यह भी बताया गया था कि उस समय तक परिवार की ओर से लिखित शिकायत और FIR दर्ज नहीं हुई थी।
मामले में आगे की कार्रवाई और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।