11 सितंबर 2026: दोपहर की ताजा Breaking News
भारत-चीन के बीच बड़ी कूटनीतिक हलचल, मोदी-शी की मुलाकात तय करने की तैयारी
भारत में होने वाले BRICS सम्मेलन से पहले भारत और चीन के बीच उच्चस्तरीय बातचीत तेज हो गई है। चीन के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय मुलाकात की व्यवस्था की जा रही है।
शी जिनपिंग 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत पहुंच रहे हैं। प्रस्तावित मुलाकात में दोनों देशों के बीच संबंध, व्यापार और सीमा से जुड़े मुद्दे अहम हो सकते हैं।
यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों से सीमा विवाद और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का दबाव रहा है। ऐसे समय में दोनों नेताओं की सीधी बातचीत को रिश्तों को संभालने की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
● शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी तीन महीने के निचले स्तर पर
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को तेज बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज हुई और बाजार तीन महीने के निचले स्तर तक पहुंच गया।
निफ्टी 50 करीब 0.92 प्रतिशत गिरकर 23,261.7 अंक तक पहुंचा, जबकि सेंसेक्स 0.84 प्रतिशत टूटकर 74,272.61 के स्तर पर आ गया। बाजार की गिरावट किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं रही। 16 प्रमुख सेक्टरों में से 15 में कमजोरी देखने को मिली।
इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बड़ा कारण माना जा रहा है।
● रुपया 95.70 के आसपास, RBI को बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार दबाव में है। शुक्रवार को रुपया करीब 95.70 प्रति डॉलर के आसपास पहुंच गया। बढ़ती तेल कीमतों और वैश्विक बाजार में अस्थिरता ने भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ाया है।
ट्रेडरों के मुताबिक रिजर्व बैंक की ओर से डॉलर की बिक्री के जरिए रुपये को संभालने की कोशिश की गई। रिपोर्ट के अनुसार रुपये में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कमजोरी रही।
महंगा कच्चा तेल भारत के लिए खास महत्व रखता है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए लंबे समय तक तेल महंगा रहने पर आयात बिल और महंगाई दोनों पर असर पड़ सकता है।
● बिहार में बाढ़ का संकट, 14 जिलों की 43 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित
बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 14 जिलों में करीब 43.64 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
कई नदियों के जलस्तर और स्थानीय जलभराव के कारण बड़ी आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से राहत और सहायता कार्य चलाए जा रहे हैं।
बिहार की मौजूदा स्थिति इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इस साल राज्य में सामान्य से कम बारिश के बावजूद कई इलाकों में गंभीर बाढ़ आई है। मौसम और जलप्रवाह के स्थानीय बदलावों ने स्थिति को और जटिल बनाया है।
● बिहार के वैशाली में निर्माणाधीन पुल का लॉन्चिंग गर्डर गिरा, 7 मजदूर घायल
बिहार के वैशाली जिले में निर्माणाधीन चार लेन पुल पर बड़ा हादसा हुआ। पुल निर्माण के दौरान लॉन्चिंग गर्डर मशीन के गिरने से सात मजदूर घायल हो गए।
हादसा हाजीपुर के पास बकरपुर-माणिकपुर सेक्शन में हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार मशीन को स्थानांतरित किए जाने के दौरान तकनीकी समस्या के कारण उसका संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिर गई।
हादसे में किसी की मौत की सूचना नहीं है। अधिकारियों के अनुसार पुल की मुख्य संरचना को भी नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के बाद निर्माण कार्य और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
● BRICS से पहले भारत-चीन व्यापार और सीमा मुद्दे पर नजर
BRICS Summit से पहले भारत और चीन के बीच संभावित बातचीत को लेकर व्यापार और सीमा संबंधी मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।
शी जिनपिंग के भारत दौरे को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्तावित मोदी-शी मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
BRICS सम्मेलन इस बार ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर मध्य-पूर्व का संकट, तेल की कीमत और बदलती व्यापार व्यवस्था बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में भारत और चीन के बीच बातचीत का असर केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रहने वाला।
● भारत 2035 तक बनाएगा अपना अंतरिक्ष स्टेशन, 2040 तक चंद्र मिशन का लक्ष्य
भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी अगली बड़ी महत्वाकांक्षा सामने रखी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन बनाने और 2040 तक चंद्र मिशन के लक्ष्य की बात कही है।
यह घोषणा भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को अगले चरण में ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी बढ़ाना चाहता है।
भारत अब केवल उपग्रह प्रक्षेपण तक सीमित रहने के बजाय मानव अंतरिक्ष उड़ान, अंतरिक्ष स्टेशन और चंद्र अभियान जैसे बड़े मिशनों पर जोर दे रहा है।