मानसून में H1N1 का बढ़ा असर, दिल्ली में 1,770 से ज्यादा मामले; IMA ने जारी की एडवाइजरी
नई दिल्ली: मानसून के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसमी फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी के बीच Influenza A (H1N1) यानी स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सतर्कता बढ़ाने की सलाह दी है। भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) ने 26 अगस्त को सार्वजनिक स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी कर लोगों से सावधानी बरतने और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं नहीं लेने की अपील की है।
दिल्ली में 1,770 से ज्यादा H1N1 मामले
राजधानी दिल्ली में इस साल अब तक 1,770 से अधिक H1N1 मामले सामने आए हैं। उपलब्ध स्वास्थ्य विभाग संबंधी रिपोर्टों के मुताबिक 20 अगस्त तक दिल्ली में H1N1 के कुल मामले बढ़कर 1,777 हो गए थे। इसी अवधि में एक दिन में 114 नए मामले सामने आने की जानकारी दी गई थी।
रिपोर्टों के मुताबिक 6 अगस्त तक दिल्ली में H1N1 के 1,344 मामले दर्ज थे। इसके बाद मामलों में तेजी देखी गई। पिछले साल इसी अवधि में दिल्ली में 229 मामले दर्ज किए गए थे।
IMA ने क्या कहा?
IMA के मुताबिक मानसून के दौरान Influenza A (H1N1) के मामलों में मौसमी बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है और अधिकांश H1N1 संक्रमण हल्के होते हैं तथा समय के साथ ठीक हो जाते हैं। IMA ने लोगों को विशेष रूप से खुद से एंटीबायोटिक और एंटीवायरल दवाएं लेने से बचने की सलाह दी है। गंभीर लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सहायता लेने को कहा गया है।
क्या पूरे देश में बढ़ रहे हैं मामले?
IMA के अनुसार दिल्ली के अलावा महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल सहित कुछ अन्य राज्यों में भी H1N1 के मामले सामने आए हैं। इसका मतलब यह है कि मौसमी फ्लू की गतिविधि केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। IMA ने इसे मौसमी बढ़ोतरी बताया है।
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किन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत?
फ्लू से बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में जटिलताओं का खतरा अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
H1N1 में आम तौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर H1N1 की पुष्टि नहीं की जा सकती; जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच की सलाह दे सकते हैं।
बचाव के लिए क्या करें?
फ्लू और अन्य श्वसन संक्रमणों से बचाव के लिए हाथों की नियमित सफाई, बीमार होने पर पर्याप्त आराम और दूसरों के बेहद करीब जाने से बचना उपयोगी सावधानियां हैं। लक्षण गंभीर होने या सांस लेने में परेशानी जैसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
अस्पतालों में तैयारी पर भी नजर
दिल्ली में H1N1 मामलों को लेकर केंद्रीय और दिल्ली स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच समीक्षा बैठक भी हुई है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा था कि अस्पतालों में बेड और चिकित्सा उपकरणों की कमी नहीं है तथा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मानसून में H1N1 मामलों में बढ़ोतरी स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए निगरानी का विषय जरूर है, लेकिन मौजूदा जानकारी के आधार पर घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे जरूरी है कि फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए और बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सेवन न किया जाए।