दरभंगा में बाढ़ का खतरा नहीं, नदियां खतरे के निशान से नीचे; ADM ने कहा- घबराएं नहीं, बस रहें सतर्क
Inflowire /दरभंगा, 27 अगस्त 2026
Darbhanga Flood News: नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियर झील फटने के बाद बिहार में बाढ़ की आशंका के बीच दरभंगा जिला प्रशासन ने बड़ी राहत की जानकारी दी है। ADM आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर ने बताया कि फिलहाल जिले की सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। प्रशासन 11 तटबंधों और जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहा है।
दरभंगा : नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियर झील फटने के बाद बिहार की नदियों में बढ़ते जलप्रवाह को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ी हुई है। इस बीच दरभंगा जिला प्रशासन ने जिले की वर्तमान स्थिति को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आशीष अमन के साथ फेसबुक लाइव में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर ने बताया कि फिलहाल दरभंगा में बाढ़ की कोई तत्काल स्थिति नहीं है और जिले की सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।उन्होंने लोगों से अफवाहों और अनावश्यक भय से बचने तथा सतर्क रहने की अपील की।
दरभंगा को लेकर प्रशासन ने क्या कहा?
ADM सलीम अख्तर के मुताबिक ग्लेशियर झील फटने के प्रभाव को लेकर गंडक नदी से जुड़े कुछ जिलों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर के कुछ हिस्से और वैशाली के कुछ हिस्से प्रभावित होने की बात सामने आई है। दरभंगा फिलहाल इस प्रभाव से अछूता बताया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन मौसम और नदियों की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है।
बागमती समेत नदियों के जलस्तर पर नजर
दरभंगा में जून से अक्टूबर तक बाढ़ की स्थिति को लेकर लगातार निगरानी की जाती है। प्रशासन केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट पर प्रतिदिन नजर रख रहा है। बागमती और अधवारा समूह की नदियों समेत जिले के विभिन्न स्थानों पर जलस्तर की निगरानी की जा रही है। प्रशासन सिर्फ खतरे के निशान को ही आधार नहीं बना रहा, बल्कि पूर्व वर्षों में दर्ज उच्चतम प्रवाह स्तर पर भी नजर रखी जा रही है।
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***11 तटबंधों की दिन-रात निगरानी ***
बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों के तहत जल संसाधन विभाग के साथ मिलकर जून से अक्टूबर तक लगातार काम किया जा रहा है।
ADM के अनुसार जिले में जल संसाधन विभाग से जुड़ी 5 इकाइयां काम कर रही हैं और कुल 11 तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। तटबंधों की सुरक्षा के लिए दिन के साथ रात में भी पेट्रोलिंग की व्यवस्था है। जरूरत के लिए सैंड बैग और जियोबैग उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा स्लुइस गेट के रखरखाव और पुल-पुलियों के वेंट की सफाई भी कराई जा रही है।
दरभंगा में SDRF की टीम मौजूद
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए SDRF की करीब 28 से 30 लोगों की टीम दरभंगा में मौजूद है। ADM के अनुसार यह दल पैठान कवई, मनीगाछी में आवासित है और जरूरत के अनुसार इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।वहीं NDRF की टीम फिलहाल दरभंगा में मौजूद नहीं है। प्रशासन के अनुसार बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने पर राज्य स्तर से NDRF उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला है।
करीब 190 निजी नावों का कराया गया निबंधन
बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने और आवागमन बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पहले से तैयारी की है।ADM ने बताया कि निजी नाव मालिकों से करीब 190 नावों का निबंधन कराया जा चुका है। वर्ष 2024 की बाढ़ के दौरान इनमें से 137 नावों का संचालन किया गया था। फिलहाल जरूरत के अनुसार तीन-चार प्रखंडों में नावों का परिचालन भी किया जा रहा है, ताकि पानी का बहाव बढ़ने की स्थिति में लोगों के आवागमन में परेशानी कम हो।
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वृद्ध, दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं के लिए भी प्लान
दरभंगा जिला प्रशासन हर वर्ष बाढ़ से निपटने के लिए अनुदेश पुस्तिका तैयार करता है। इसमें बाढ़ आने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की योजना शामिल रहती है। प्रशासन ने वृद्ध, दिव्यांगजन और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित निकासी को लेकर भी विशेष योजना तैयार रखने की बात कही है। इसका उद्देश्य बाढ़ की स्थिति पैदा होने पर संवेदनशील लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
दरभंगा में बारिश भी सामान्य से कम
ADM के अनुसार इस वर्ष जिले में सामान्य वर्षापात की तुलना में करीब 53 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की जा रही है। फिलहाल दरभंगा कम वर्षापात वाले जिलों में शामिल है। हालांकि प्रशासन इसके बावजूद नदियों और तटबंधों की निगरानी में कोई ढिलाई नहीं बरत रहा है।
ADM की अपील- घबराएं नहीं, लेकिन तैयार रहें
अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर ने दरभंगा के लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क और सचेत रहें। उन्होंने कहा कि जिला पदाधिकारी कौशल कुमार के निर्देशन में प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। FCD के इंजीनियर और कर्मचारी भी दिन-रात निगरानी कर रहे हैं।
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***दरभंगा वालों के लिए राहत की खबर, फिर भी नदियों पर रहेगी नजर***
नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियर झील फटने की खबरों के बीच दरभंगा के लोगों के लिए फिलहाल राहत की बात है कि प्रशासन के अनुसार जिले की नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। हालांकि मानसून अवधि में नदी के जलस्तर और मौसम की स्थिति बदल सकती है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और सतर्क रहने की अपील की है।