लखनऊ में Gen Alpha का असर? सर्वोदय स्कूलों में शिक्षकों की दोबारा तैनाती का आदेश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को लेकर उठे सवालों के बीच बड़ी खबर सामने आई है। लखनऊ में छात्रों और छात्राओं के लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में कदम उठाया गया है। विभाग की ओर से पहले कार्यरत रहे शिक्षकों को दोबारा स्कूलों में शामिल कराने के आदेश दिए गए हैं।
यह मामला लखनऊ के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में छात्रों के प्रदर्शन के बाद तेजी से चर्चा में आया। अगस्त के मध्य में कुछ ही दिनों के अंतराल पर छात्र और छात्राएं सड़क पर उतर आए थे। उनकी प्रमुख शिकायतों में शिक्षकों की कमी, पढ़ाई प्रभावित होना और स्कूल की अन्य व्यवस्थाएं शामिल थीं।
दो बार सड़क पर उतरे छात्र
लखनऊ में 14 अगस्त के आसपास छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद 17 अगस्त को सर्वोदय बालिका विद्यालय की छात्राएं भी सड़क पर उतर आईं। छात्राओं ने शिक्षकों की कमी और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान यातायात भी प्रभावित हुआ और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर छात्राओं से बातचीत करनी पड़ी।
छात्राओं का कहना था कि महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। खासकर बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह समस्या गंभीर बताई गई।
शिक्षकों की दोबारा तैनाती का आदेश
रिपोर्ट के अनुसार, सर्वोदय विद्यालयों में पहले कार्यरत रहे अंशकालिक शिक्षकों की सेवाएं जून में समाप्त हो गई थीं। इसके बाद नए शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन मामला अदालत तक पहुंचने के कारण नियुक्तियों में देरी हुई।
अब विभागीय स्तर पर पहले से कार्यरत शिक्षकों को दोबारा स्कूलों में ज्वाइन कराने की व्यवस्था की गई है। समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण के अनुसार, शिक्षकों से जुड़ा मामला हाईकोर्ट में था और अदालत के आदेश के बाद उन्हें फिर से रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
करीब 100 सर्वोदय विद्यालयों पर असर
रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में करीब 100 सर्वोदय विद्यालय हैं। नियमित शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में अंशकालिक अथवा अतिथि शिक्षकों की सेवाएं ली जाती रही हैं।
शिक्षकों की उपलब्धता में आई कमी का असर कई स्कूलों की पढ़ाई पर पड़ा। लखनऊ के जिस विद्यालय में प्रदर्शन हुआ, वहां छात्राओं ने गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों में शिक्षकों की कमी की शिकायत की थी।
खाने और दूसरी व्यवस्थाओं पर भी प्रशासन की नजर
शिक्षकों के अलावा छात्राओं ने स्कूल में भोजन की गुणवत्ता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए थे। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने विद्यालय का निरीक्षण किया और भोजन की व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने और जल्द समाधान का भरोसा भी दिया है। स्कूल तक पहुंचने वाली सड़क की समस्या को लेकर भी नगर निगम स्तर पर कार्रवाई की बात सामने आई है।
प्रदर्शन के बाद बदली तस्वीर?
लखनऊ में लगातार हुए छात्र प्रदर्शनों ने सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया। अब शिक्षकों की दोबारा तैनाती के आदेश के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजर इस बात पर है कि स्कूलों में शिक्षक वास्तव में कब तक उपलब्ध होते हैं और पढ़ाई पूरी तरह सामान्य कब होती है।
यानी सड़क पर उतरे छात्रों की सबसे बड़ी मांगों में से एक—शिक्षकों की कमी—पर अब सरकार और विभाग की ओर से कार्रवाई शुरू होने का दावा किया गया है।
लखनऊ के सर्वोदय विद्यालय में छात्रों के विरोध के बाद शिक्षकों की कमी का मुद्दा तेजी से उठा। इसके बाद विभाग ने पहले कार्यरत शिक्षकों को दोबारा तैनात करने की दिशा में आदेश जारी किया है। अब देखना होगा कि प्रदेश के सभी संबंधित सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षक कितनी जल्दी पहुंचते हैं और विद्यार्थियों की पढ़ाई कितने समय में पटरी पर लौटती है।