PM मोदी का खिलाड़ियों से संवाद, बोले- ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’
नई दिल्ली: राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के अवसर पर देशभर में आयोजित ‘खेलो इंडिया डायलॉग–खेल की बात, पीएम मोदी के साथ’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं और उभरते खिलाड़ियों से संवाद किया। प्रधानमंत्री ने खेल, फिटनेस, युवा नेतृत्व और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया।
1,500 से ज्यादा संस्थानों से जुड़े युवा
‘खेलो इंडिया डायलॉग’ का आयोजन 27 अगस्त को देशभर में किया गया। सरकारी जानकारी के मुताबिक, इस पहल के तहत 1,500 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों में युवा, खिलाड़ी और अन्य प्रतिभागी जुड़े। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ने के साथ उनकी आकांक्षाओं और सुझावों को सामने लाना था।
पीएम मोदी ने दिया खेलों पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के बीच खेल संस्कृति को मजबूत करने और फिटनेस को जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। खेलों को केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रखते हुए इसे अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की बात भी कार्यक्रम के केंद्र में रही।
‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’ पीएम मोदी के खेलों को लेकर पहले से दिए जाने वाले प्रमुख संदेशों में शामिल रहा है। प्रधानमंत्री ने 2023 में भी खेलों के संदर्भ में इसी विचार को सामने रखा था।
साइना नेहवाल और पी.टी. उषा समेत दिग्गज खिलाड़ी जुड़े
इस कार्यक्रम में भारत के कई प्रमुख खेल सितारों की भागीदारी रही। सरकारी जानकारी के अनुसार साइना नेहवाल, पी.टी. उषा, मैरी कॉम, गगन नारंग, मीराबाई चानू, दीपिका कर्माकर, श्रीजेश, अनजू बॉबी जॉर्ज और अन्य दिग्गज खिलाड़ियों ने युवाओं से जुड़कर अपने खेल अनुभव साझा किए।
2036 ओलंपिक की तैयारी पर भी फोकस
‘खेलो इंडिया डायलॉग’ का फोकस सिर्फ मौजूदा खेल गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम में भारत के खेल भविष्य, प्रतिभा की पहचान, वैज्ञानिक तरीके से खिलाड़ियों के विकास और 2036 ओलंपिक की महत्वाकांक्षा जैसे विषयों को भी प्रमुखता दी गई।
युवाओं को खेलों से जोड़ने पर जोर
केंद्र सरकार की इस पहल का व्यापक उद्देश्य युवाओं को खेल, फिटनेस, स्वयंसेवा, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है। ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ को इसी दिशा में युवाओं और खेल जगत के बीच संवाद का एक बड़ा मंच बनाया गया है।
पीएम मोदी का युवाओं और खिलाड़ियों के साथ यह संवाद भारत में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की सरकार की कोशिशों का हिस्सा है। कार्यक्रम में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और भारत के खेल भविष्य को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।