Morning News 12 September 2026: बिहार से देश-दुनिया तक सुबह की 10 बड़ी खबरें
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12 सितंबर 2026 की सुबह की शुरुआत । भारत में आज BRICS शिखर सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ बातचीत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। दूसरी ओर बिहार में बाढ़ की स्थिति और मौसम का अपडेट अहम बना हुआ है। पटना हाईकोर्ट से भी एक बड़ा फैसला सामने आया है, जिसमें 16 साल जेल में रहे एक व्यक्ति को हत्या के मामले में बरी कर दिया गया।

BRICS Summit आज से, दुनिया की नजर दिल्ली पर
नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की शुरुआत आज हो रही है। सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक व्यापार पर दबाव बना हुआ है। BRICS देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार, भुगतान व्यवस्था और वैश्विक संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दे अहम रहेंगे। भारत के लिए यह सम्मेलन कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक ही मंच पर रूस, चीन और ईरान जैसे महत्वपूर्ण साझेदार मौजूद हैं। सम्मेलन में वैश्विक संघर्षों के बीच व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

मोदी-पुतिन मुलाकात में व्यापार और ऊर्जा पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच नई दिल्ली में मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने तथा व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और तकनीक सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। रूस की ओर से BRICS को ज्यादा व्यावहारिक आर्थिक मंच बनाने की बात भी सामने आई है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ाने की दिशा में भी चर्चा की।
ईरान के राष्ट्रपति से मोदी की बातचीत, समुद्री सुरक्षा पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से भी मुलाकात की। बातचीत में भारत ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा, व्यापारिक जहाजों की आवाजाही और नाविकों की सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताया। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत के लिए सुरक्षित समुद्री मार्ग बेहद महत्वपूर्ण हैं। भारत की कोशिश है कि क्षेत्रीय तनाव के बावजूद व्यापारिक रास्ते खुले रहें और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो। मोदी ने विवादों को बातचीत और कूटनीति के जरिए हल करने की भारत की नीति दोहराई।

पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 16 साल जेल में रहे व्यक्ति को हत्या के मामले में बरी किया
बिहार से सुबह की सबसे बड़ी कानूनी खबर पटना हाईकोर्ट से है। अदालत ने हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए रंजीत कुमार झा को बरी कर दिया। वह करीब 16 वर्ष जेल में रह चुके हैं। मामला वर्ष 2000 की हत्या से जुड़ा था। हाईकोर्ट ने मामले में गवाही और जांच से जुड़े कई पहलुओं पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष की कहानी दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त रूप से विश्वसनीय नहीं थी।
अदालत ने जांच में गंभीर लापरवाही पर भी सवाल उठाए और बिहार के डीजीपी को संबंधित पुलिस अधिकारियों के आचरण की समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक व्यक्ति ने हत्या के आरोप में अपनी जिंदगी के 16 साल जेल में बिताए और अब हाईकोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों को दोषसिद्धि के लिए अपर्याप्त माना है।

बिहार में बाढ़ का संकट बरकरार, नदियों के जलस्तर पर नजर
बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। सुबह सामने आए नए विश्लेषण में बताया गया है कि राज्य की कई प्रमुख नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर रही हैं। गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा जैसी नदियों के जलस्तर ने बाढ़ की स्थिति को जटिल बनाया है। खास बात यह है कि इस साल बिहार में बारिश सामान्य से कम रहने के बावजूद कई क्षेत्रों में बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी है। ऊपरी क्षेत्रों से आने वाला पानी, स्थानीय स्तर पर तेज बारिश और गंगा के ऊंचे जलस्तर के कारण दूसरी नदियों के पानी की निकासी प्रभावित होने को इसके प्रमुख कारणों में बताया गया है।
आज मौसम का बड़ा अलर्ट, बिहार समेत कई राज्यों में बारिश की संभावना
12 सितंबर की सुबह मौसम को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक देश के कई हिस्सों में अगले घंटों के दौरान तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। बिहार भी उन राज्यों में शामिल है जहां बारिश की गतिविधि जारी रहने की संभावना है। ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए मौसम का यह अपडेट खास महत्व रखता है। बारिश के दौरान जलजमाव, सड़क यातायात और स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
RBI का बड़ा कदम, सिस्टम से अतिरिक्त नकदी निकालने की तैयारी
भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग सिस्टम में मौजूद अतिरिक्त नकदी को नियंत्रित करने के लिए सरकारी बॉन्ड की बिक्री का बड़ा फैसला किया है। RBI अगले चरण में कुल 1 लाख करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड बेचने की योजना पर आगे बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य बैंकिंग सिस्टम में मौजूद अतिरिक्त तरलता को कम करना और अल्पकालिक ब्याज दरों को मौद्रिक नीति के अनुरूप रखना है। हालांकि यह फैसला 11 सितंबर को घोषित हुआ था, इसका असर आने वाले दिनों में बाजार और बैंकिंग सिस्टम पर दिखाई दे सकता है। इसलिए इसे आज की सुबह के आर्थिक परिदृश्य के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी की मुलाकात पर नजर
BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक पर भी दुनिया की नजर है। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और व्यापार असंतुलन जैसे मुद्दे लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं। चीन के विदेश मंत्रालय ने भी भारत के साथ रणनीतिक और दीर्घकालिक संवाद बढ़ाने की इच्छा जताई है। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत भारत-चीन संबंधों की दिशा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
BRICS में आर्थिक व्यवस्था बदलने की चर्चा, डॉलर पर निर्भरता घटाने की कोशिश
BRICS के भीतर सीमा-पार भुगतान को आसान बनाने और सदस्य देशों के बीच वित्तीय सहयोग बढ़ाने की कोशिश तेज हो रही है। BRICS के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक प्रमुखों ने IMF और विश्व बैंक जैसी वैश्विक वित्तीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत बताई है। साथ ही सदस्य देशों के बीच तेज, सुरक्षित और कम लागत वाले भुगतान सिस्टम को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। भारत की मेजबानी में होने वाला मौजूदा सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका आर्थिक एजेंडा केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में BRICS की भूमिका बढ़ाने से भी जुड़ा है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच ऊर्जा और समुद्री व्यापार पर बढ़ी चिंता
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। भारत के लिए यह मुद्दा विशेष महत्व रखता है क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था ऊर्जा आयात पर काफी निर्भर है। BRICS के मंच पर भी ऊर्जा सुरक्षा और सुरक्षित व्यापारिक मार्ग महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल रह सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा समुद्री रास्तों की सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा पर दिया गया जोर इसी व्यापक चिंता से जुड़ा हुआ है।