कुशेश्वरनाथ मंदिर में 7 साल की बच्ची से कथित छेड़खानी, पंडा गिरफ्तार; CCTV और POCSO केस से उठे सुरक्षा के सवाल
दरभंगा | 29 सितंबर 2026 | Inflowire
दरभंगा के प्रसिद्ध बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर में पूजा करने गई सात साल की बच्ची से कथित छेड़खानी का मामला सामने आया है। ये आरोप किसी और पर नही बल्कि ये आरोप मंदिर के ही पूजा कराने वाले पंडा शिव कुमार झा पर लगा है। बच्ची की मां की शिकायत पर कुशेश्वरस्थान थाने में POCSO एक्ट और BNS की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपी को सहरसा के गंडौल से गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोप एक धार्मिक स्थल के परिसर से जुड़ा है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और परिवार अपने बच्चों के साथ पहुंचते हैं। और बिंदास अपने बच्चे को बिना किसी डर के छोड़ देते हैं लेकिन जब पूजा कराने वाले पंडा ही वो भी मंदिर में इस तरह की हरकत करने लगे तो तब लोगों का भरोसा किसपर होगा।
आखिर मामला क्या है?
पुलिस और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, रविवार को कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के एक गांव की सात वर्षीय बच्ची कुछ अन्य बच्चियों के साथ मंदिर में पूजा करने गई थी।
आरोप है कि मंदिर में पूजा कराने के बाद बच्ची ने पंडा को प्रणाम किया। इसी दौरान पंडा ने उसे मिठाई देने का लालच दिया और शिवगंगा पोखर के पास स्थित बत्तीसी कमरे के ऊपर बने एक कमरे में ले गया।
वहां बच्ची के साथ कथित छेड़खानी किए जाने का आरोप है। बाद में बच्ची अपनी मां के पास पहुंची और घटना की जानकारी दी।
CCTV में क्या मिला?
पुलिस के अनुसार, मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों के फुटेज की जांच की गई। रिपोर्टों में कहा गया है कि फुटेज में आरोपी पंडा को बच्ची के साथ जाते हुए देखा गया।
हालांकि, CCTV में वास्तव में क्या-क्या रिकॉर्ड हुआ, इसका पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए किसी दृश्य या घटना को उससे आगे बढ़ाकर बताना उचित नहीं होगा। लेकिन एक और सवाल क्या उस कमरे में CCTV कैमरा लगा था कि नही। अगर नही तो पंडा पर शक की सुईं घूम रही है। आखिर उस कमरे में CCTV कैमरा कियूं नही लगा था अगर लगा था तो उस समय की CCTV फुटेज क्या कहती है। आखिर पंडा ने बच्ची को ऊपर उस कमरे में कियूं ले गया यही इस पूरे विवाद का केंद्र है.
आरोपी की गिरफ्तारी कैसे हुई?
घटना के बाद आरोपी के फरार होने की बात पुलिस ने बताई है। तकनीकी जांच के आधार पर उसकी लोकेशन सहरसा जिले के गंडौल में मिली।
इसके बाद कुशेश्वरस्थान थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। लेकिन यहां भी एक सवाल उठ रहा है कि अगर पंडा निर्दोष था तो वो मंदिर से भागा ही कियूं।
आरोपी की पहचान शिव कुमार झा,उम्र 25 वर्ष, के रूप में हुई है।
बच्ची के मामले में अब आगे क्या होगा?
यह मामला POCSO Act के तहत दर्ज हुआ है। बच्ची का बयान न्यायालय में दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी पुलिस की ओर से दी गई है।
अब जांच के दौरान पुलिस के सामने प्रमुख बिंदु होंगे:
बच्ची और परिजनों के बयान,CCTV फुटेज,घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य,मेडिकल/अन्य जांच, यदि कानून के अनुसार आवश्यक हो
और सबसे बड़ा सवाल मंदिर प्रशासन व पुलिस प्रशासन से भी है कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर कैसी व्यवस्था है?
इस घटना के बाद सिर्फ पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि मंदिर परिसर में बच्चों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
इसी बीच 29 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर न्यास समिति ने पंडों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पहचान पत्र अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। बैठक में पंडों के चरित्र सत्यापन पर भी चर्चा हुई।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी भी बड़े धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं और मंदिर से जुड़े कर्मचारियों/पंडों की स्पष्ट पहचान, निगरानी और शिकायत व्यवस्था सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।
Inflowire Explainer: असली सवाल क्या है?
>>क्या मंदिर में बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था है?
CCTV कैमरे घटना की जांच में मदद कर सकते हैं, लेकिन केवल कैमरा लगाना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। बच्चों को किसी कर्मचारी या पंडे द्वारा अलग स्थान पर ले जाने की स्थिति में निगरानी, पहचान व्यवस्था और शिकायत तंत्र भी महत्वपूर्ण है।
>>आरोपी गिरफ्तार होने के बाद क्या मंदिर प्रशासन की भी जिम्मेदारी तय होगी?
फिलहाल तो यह जांच का विषय है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की है, जबकि मंदिर न्यास ने पंडों की पहचान और चरित्र सत्यापन को लेकर कदम उठाने का निर्णय लिया है। यदि जांच में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कोई लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित स्तर पर जिम्मेदारी का प्रश्न उठ सकता है।
Inflowire Fact Check
वायरल/प्रारंभिक दावा: कुशेश्वरस्थान शिव मंदिर में 7 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ और पंडा गिरफ्तार हुआ।
हमने क्या जांचा: 29 सितंबर की उपलब्ध रिपोर्टों और पुलिस अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित विवरणों को क्रॉस-चेक किया गया । रिपोर्टों में घटना को छेड़खानी/यौन उत्पीड़न के आरोप के रूप में बताया गया है। POCSO के तहत FIR दर्ज होने और आरोपी पंडा शिव कुमार झा की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है।