हाजी सलमान विवाद में नया सवाल: घर के पास पहुंचे लोगों के हाथ में क्या है? सड़क के मुद्दे से शुरू हुआ विवाद कैसे पहुंचा गिरफ्तारी तक?
INFLOWIRE | DESK TEAM
हाजी सलमान विवाद में अब नया सवाल क्या है?
गाजियाबाद के लोनी में हाजी सलमान से जुड़ा विवाद लगातार नया मोड़ ले रहा है। शुरुआत में मामला 2 सितंबर को हिन्दू रक्षा दल से जुड़े लोगों और सलमान पक्ष के बीच हुए विवाद तथा मारपीट के आरोपों से जुड़ा था। इसके बाद सोशल मीडिया पर हाजी सलमान का एक वीडियो सामने आया, जिसे लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के खिलाफ कथित धमकी से जोड़ा गया। पुलिस ने इसी मामले में केस दर्ज किया और बाद में सलमान को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से गिरफ्तार किया गया। लेकिन अब उस दिन के घटनाक्रम का एक और वीडियो/फोटो सामने आया है, जिस पर कई सवाल उठ रहे हैं।
वीडियो में हाथ में क्या दिखाई दे रहा है?
वीडियो के इस फ्रेम में एक व्यक्ति के हाथ में पिस्टल जैसी दिखाई देने वाली हथियार नजर आती है।तस्वीर में वस्तु का आकार और स्थिति हथियार जैसी प्रतीत होती है !
ऐसे में कई तरह का सवाल उठना भी लाजमी है।
◆अगर वीडियो में दिखाई दे रही वस्तु वास्तविक हथियार थी, तो क्या पुलिस ने उसकी जांच की?
◆क्या पुलिस ने उस वीडियो को अपनी जांच का हिस्सा बनाया है?
2 सितंबर को क्या हुआ था?
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक 2 सितंबर को लोनी के टोली मोहल्ले में हिन्दू रक्षा दल से जुड़े सुमित सूद और उनके साथी मोहित के साथ मारपीट का आरोप लगाया गया था।
शिकायत में हाजी सलमान, उनके भाई शहनवाज और अन्य लोगों पर मारपीट समेत कई आरोप लगाए गए। दूसरी तरफ सलमान पक्ष से जुड़े लोगों ने घटनाक्रम को अलग तरीके से पेश किया है।
यानी शुरुआती विवाद में ही दोनों पक्षों के आरोप और घटनाक्रम की अलग-अलग बातें सामने आती है। पुलिस जांच से ही यह स्पष्ट हो सकता है कि उस दिन वास्तव में क्या हुआ था।
क्या सड़क और विकास के सवाल से शुरू हुआ विवाद?
सलमान पक्ष से जुड़े सोशल मीडिया दावों में यह बात कही जा रही है कि क्षेत्र में सड़क और जलभराव जैसी स्थानीय समस्याओं को लेकर हाजी सलमान ने आवाज उठाई थी।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में भी यह दावा किया गया है कि सलमान ने क्षेत्र की खराब सड़क और बरसात के पानी की समस्या को लेकर सवाल उठाए थे। हालांकि यह दावा स्वतंत्र सरकारी दस्तावेज या आधिकारिक बयान से अभी अस्पष्ठ नहीं है।
“सलमान पक्ष का दावा है कि उसने स्थानीय विकास और सड़क की समस्या को लेकर आवाज उठाई थी।”
विधायक नंदकिशोर गुर्जर का बयान क्यों चर्चा में है?
हाजी सलमान की सोशल मीडिया गतिविधियों के बाद भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। सलमान पर विधायक के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और धमकी वाले वीडियो के मामले में FIR दर्ज हुई। पुलिस ने जांच शुरू की और बाद में सलमान की गिरफ्तारी हुई।
वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर विधायक के कुछ अन्य कथित बयान भी वायरल हैं।
हाजी सलमान की गिरफ्तारी कैसे हुई?
हाजी सलमान को गाजियाबाद पुलिस ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से गिरफ्तार किया। रिपोर्टों के मुताबिक उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही थीं। गिरफ्तारी के दौरान जिस कार में वह मौजूद था, वह पेड़ से टकराई और उसके साथ मौजूद दो लोग मौके से फरार हो गए। इसके बाद उसे गाजियाबाद लाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
गिरफ्तारी के बाद मामला और बड़ा क्यों हुआ?
गिरफ्तारी के बाद नंदकिशोर गुर्जर ने गाजियाबाद बार एसोसिएशन से अपील की कि कोई अधिवक्ता हाजी सलमान का मुकदमा न लड़े।
इसके अगले ही दिन RLD नेता कुंवर अयूब अली ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वह हाजी सलमान की कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
इससे मामला अब केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। कानूनी प्रतिनिधित्व भी इस विवाद का एक नया राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
इसके बाद POCSO मामला भी सामने आया
9 सितंबर को हाजी सलमान के खिलाफ एक नाबालिग लड़की से जुड़े गंभीर आरोपों पर POCSO समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज होने की खबर सामने आई।
पुलिस के अनुसार शिकायत एक महिला ने दी थी। मामले में आरोपों की जांच जारी है।
वायरल पिस्टल वाले वीडियो पर पुलिस को चुनौती?
इस समय पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह कि Viral वीडियो में युवक के हाँथ में दिख रही पिस्टल लहराने के पीछे क्या मकसद रहा होगा। ये पूरे मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
जांच एजेंसी अस्पष्ठ करे कि
◆वीडियो कब और कहां बनाया गया?
◆वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान क्या है?
◆हाथ में दिखाई दे रही वस्तु वास्तव में पिस्टल है या कोई दूसरी वस्तु?
◆यदि वह हथियार है तो उसका लाइसेंस/कानूनी स्रोत क्या है?
◆क्या पुलिस ने वीडियो की मूल फाइल हासिल की है?
◆क्या वीडियो एडिट किया गया है?
◆क्या घटनास्थल के CCTV फुटेज उपलब्ध हैं?
◆क्या इस संबंध में अलग FIR या हथियार कानून के तहत कोई कार्रवाई हुई?
◆क्या वायरल वीडियो को 2 सितंबर की FIR की जांच में शामिल किया गया?
इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में दिख रही वस्तु वास्तब में पिस्टल ही है या कुछ और।इसीलिए अब सबसे जरूरी बात है कि हर आरोप की अलग-अलग जांच हो और किसी एक घटना के आधार पर दूसरे पक्ष को दोषी नही करार दिया जाएगा।
सबसे अहम सवाल अब यह है कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली हथियार जैसी वस्तु को लेकर पुलिस ने क्या जांच की और क्या कोई आधिकारिक कार्रवाई हुई?
यदि यह वास्तविक हथियार साबित होता है, तो मामला और गंभीर हो सकता है।