देउरी हत्याकांड: गिरफ्तारी के बाद मृतक के परिजनों ने ही उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
दरभंगा/घनश्यामपुर। दरभंगा जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के देउरी गांव में 11 अगस्त को शादी समारोह के दौरान हुई दिलशाद की मौत का मामला अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। पुलिस ने इस मामले में मृतक के चचेरे भाई सिद्दीक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद मृतक के परिजनों ने ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करने की बात कही है।
शादी की खुशियों के बीच अचानक पसरा मातम
जानकारी के अनुसार, देउरी गांव निवासी आरिफ की बेटी की शादी गांव के ही जाकिर के बेटे से तय थी। तय कार्यक्रम के अनुसार रात में बारात गांव पहुंची। चूंकि बारात उसी गांव से थी, इसलिए उसे कुछ दूरी तक घुमाकर लाया गया।
शादी समारोह में शुरुआत में सब कुछ सामान्य चल रहा था। इसी दौरान भोजन के समय दिलशाद के नजर नहीं आने पर उसकी तलाश शुरू की गई। परिजन और आसपास के लोगों ने काफी खोजबीन की।
बताया गया कि बाद में दिलशाद की मां ने घर से करीब 150 मीटर की दूरी पर उसे मृत अवस्था में देखा। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
चेहरे पर चापाकल के हैंडल से वार की बात
पुलिस के अनुसार, मृतक के चेहरे पर चापाकल के हैंडल से वार किए जाने के निशान मिले थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई।
जांच के क्रम में पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई सिद्दीक को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
गिरफ्तारी के बाद परिजनों ने ही उठाए सवाल
मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गिरफ्तारी से मृतक के परिजन संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। मृतक के भाई और मां का कहना है कि जिस युवक सिद्दीक को गिरफ्तार किया गया है, वह उनका अपना व्यक्ति है। ऐसे में परिजन गिरफ्तारी के आधार और पुलिस की जांच को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और घटना के वास्तविक कारण तथा इसमें शामिल व्यक्ति या व्यक्तियों का पता लगाया जाना चाहिए।
पुलिस की जांच और न्यायालय की भूमिका अहम
पुलिस ने सिद्दीक को किन साक्ष्यों और जांच के आधार पर गिरफ्तार किया है, इसका अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होना है। पुलिस की जांच के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
हालांकि, किसी भी आरोपी के दोषी होने का अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा ही किया जाता है। इसलिए जांच के इस चरण में सिद्दीक को हत्या का दोषी कहना उचित नहीं होगा।
मृतक के परिजनों की ओर से भी अब वरीय अधिकारियों से मिलकर मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग किए जाने की बात सामने आ रही है।
गांव में चर्चा का विषय बना मामला
शादी समारोह के दौरान हुई इस मौत और उसके बाद हुई गिरफ्तारी को लेकर देउरी गांव और आसपास के इलाके में चर्चा बनी हुई है। एक तरफ पुलिस की कार्रवाई जांच का हिस्सा है, वहीं दूसरी ओर मृतक के परिजनों द्वारा गिरफ्तारी पर सवाल उठाया जाना मामले को और गंभीर बना रहा है।
अब सभी की नजर पुलिस की आगे की जांच और न्यायालय की कार्रवाई पर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दिलशाद की मौत के पीछे वास्तविक घटना क्या थी और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
INFLOWIRE की अपील: इस मामले में अंतिम सत्य सामने आने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने या अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचें।