Viral Fact Check: क्या चीन नमक की गुफाओं के अंदर कर रहा है परमाणु विस्फोट? जानिए दावे की पूरी सच्चाई
INFLOWIRE FACT CHECK
सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में चीन की भूमिगत गतिविधियों को लेकर एक बड़ा दावा चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि चीन नमक से बनी भूमिगत गुफाओं का इस्तेमाल परमाणु विस्फोटों को छिपाने के लिए कर रहा है। लेकिन क्या वास्तव में ऐसा हो रहा है? Inflowire ने उपलब्ध सार्वजनिक वैज्ञानिक और आधिकारिक जानकारियों के आधार पर इस दावे की पड़ताल की।

वायरल दावा
दावे में कहा जा रहा है कि चीन भूमिगत नमक की गुफाओं के भीतर परमाणु विस्फोट कर रहा है, ताकि विस्फोट के संकेत बाहर तक न पहुंचें और दुनिया को इसकी जानकारी न मिल सके।
यह दावा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि भूमिगत संरचनाओं में परमाणु परीक्षण को छिपाने की तकनीकी संभावना को लेकर पहले से वैज्ञानिक और रणनीतिक अध्ययन मौजूद हैं।
हमने क्या जांचा?
चीन के परमाणु परीक्षणों से जुड़ा प्रमुख क्षेत्र Lop Nor है। 2026 में अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि 22 जून 2020 को इस क्षेत्र में चीन ने कम क्षमता वाला भूमिगत परमाणु परीक्षण किया था।
अमेरिकी पक्ष ने एक छोटे भूकंपीय संकेत को अपने दावे के समर्थन में पेश किया। बाद में स्वतंत्र भूकंपीय विश्लेषण में भी उस दिन Lop Nor क्षेत्र से जुड़ा एक छोटा seismic event दर्ज होने की बात सामने आई।
लेकिन यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भूकंपीय घटना दर्ज होना अपने-आप में परमाणु विस्फोट का प्रमाण नहीं है।
CTBTO ने क्या कहा?
परमाणु परीक्षणों की निगरानी करने वाली Comprehensive Nuclear-Test-Ban Treaty Organization (CTBTO) की प्रणाली ने संबंधित समय के आसपास छोटे भूकंपीय घटनाक्रम दर्ज किए थे।
हालांकि उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर किसी परमाणु हथियार परीक्षण की पुष्टि नहीं की गई। अमेरिकी आरोप के बाद भी CTBTO की स्थिति यह रही कि उपलब्ध डेटा से परमाणु विस्फोट की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त जानकारी नहीं थी।
चीन ने भी अमेरिकी आरोप को खारिज किया है और कहा है कि CTBTO की निगरानी प्रणाली ने 2020 की घटना को परमाणु हथियार परीक्षण के अनुरूप नहीं पाया।
फिर नमक की गुफाओं की बात कहां से आई?
भूमिगत परमाणु परीक्षणों को छिपाने की संभावनाओं पर वैज्ञानिक और रणनीतिक स्तर पर लंबे समय से अध्ययन होते रहे हैं।
अमेरिकी National Academies के एक अध्ययन में नमक की भूमिगत संरचनाओं में बड़े cavity बनाने और उनका इस्तेमाल विस्फोटों के प्रभाव को कम करने के संभावित तरीके के रूप में चर्चा की गई है। लेकिन उसी अध्ययन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नमक की गुफाओं में इस तरह के गुप्त decoupled nuclear explosion का कोई ज्ञात उदाहरण नहीं है।
इसलिए किसी तकनीकी संभावना को चीन द्वारा वास्तव में किए जा रहे परमाणु परीक्षण का प्रमाण मानना सही नहीं होगा।
क्या चीन के Lop Nor क्षेत्र में भूमिगत गतिविधियां हुई हैं?
उपलब्ध उपग्रह विश्लेषणों में Lop Nor परीक्षण क्षेत्र में सुरंगों, ड्रिलिंग, सड़कों और अन्य निर्माण गतिविधियों के संकेत बताए गए हैं।
लेकिन विशेषज्ञ विश्लेषण में यह भी कहा गया है कि ऐसी निर्माण गतिविधियां अपने आप यह साबित नहीं करतीं कि चीन वहां परमाणु विस्फोट कर रहा है।
Inflowire Fact Check का निष्कर्ष
दावा: “चीन नमक की गुफाओं के अंदर परमाणु विस्फोट कर रहा है।”
फैक्ट चेक: अपुष्ट / भ्रामक।
चीन के Lop Nor क्षेत्र में भूमिगत गतिविधियों और 2020 की एक छोटी भूकंपीय घटना को लेकर गंभीर अंतरराष्ट्रीय आरोप जरूर सामने आए हैं। अमेरिका ने इसे संभावित परमाणु परीक्षण बताया, जबकि चीन ने आरोप से इनकार किया है। CTBTO के उपलब्ध आकलन से परमाणु विस्फोट की पुष्टि नहीं हुई है।
इसलिए “चीन नमक की गुफाओं में परमाणु विस्फोट कर रहा है” को फिलहाल स्थापित तथ्य के रूप में पेश करना सही नहीं है।
स्थिति दावा अभी निर्णायक रूप से प्रमाणित नहीं है।