BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह का ‘हाथी-कुत्ता’ वाला बयान, छात्रों में नाराजगी; बाद में जताया खेद
पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह के एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार, 24 अगस्त 2026 को BPSC की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने छात्रों के आंदोलन और परीक्षा से जुड़े सवालों के जवाब में “हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार” वाली कहावत का इस्तेमाल किया।
राजेश कुमार सिंह से 70वीं BPSC परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी की कॉपी और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर पूछा गया था। जवाब देते हुए उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा कि यदि उनके आरोपों में तथ्य हैं तो वे अदालत का रुख कर सकते हैं। इसी दौरान उन्होंने उक्त कहावत का उल्लेख किया।
छात्रों के आंदोलन के बीच आया बयान
BPSC की 70वीं परीक्षा और शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर पटना के गर्दनीबाग में अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र परीक्षा प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं और TRE-4 से जुड़े बदलावों को लेकर अपनी मांगें उठा रहे हैं।
इसी बीच BPSC की प्रेस कॉन्फ्रेंस में परीक्षा नियंत्रक के बयान का वीडियो सामने आने के बाद छात्रों और राजनीतिक नेताओं की ओर से प्रतिक्रिया शुरू हो गई। कई रिपोर्टों में उनके बयान को छात्रों के प्रति आपत्तिजनक बताया गया है।
‘मीडिया इसे काट दे...’ फिर कही कहावत
रिपोर्टों के मुताबिक, जवाब के दौरान राजेश कुमार सिंह ने मीडिया से उनके आगे के शब्दों को काट देने की बात कही और इसके बाद “हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार” वाली कहावत कही।
बयान सामने आने के बाद छात्रों में नाराजगी देखी गई। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव समेत अन्य लोगों ने भी इस टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की।
विवाद बढ़ने के बाद परीक्षा नियंत्रक ने जताया खेद
बयान पर विवाद बढ़ने के बाद राजेश कुमार सिंह ने अपने शब्दों को लेकर खेद जताया और माफी मांगी। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार छात्रों का आंदोलन और उनकी परीक्षा संबंधी मांगें जारी रहीं।
TRE-4 और 70वीं BPSC को लेकर भी विवाद
BPSC की प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय हुई जब TRE-4 और 70वीं BPSC परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों के बीच कई सवाल चल रहे हैं। आयोग ने TRE-4 परीक्षा को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है और परीक्षा दो चरणों में आयोजित किए जाने की बात सामने आई है। BPSC परीक्षा नियंत्रक का “हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार” वाला बयान अब विवाद का विषय बन गया है। हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान पर खेद जताया, लेकिन इस टिप्पणी ने परीक्षा व्यवस्था और अभ्यर्थियों के साथ अधिकारियों के संवाद के तरीके को लेकर नई बहस छेड़ दी है।