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रील बनाने के चक्कर में ट्रेनों पर पत्थरबाजी! बिहार में 5 दिन में 134 गिरफ्तार, 12 जिले हॉटस्पॉट

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Published on Sep 05, 2026 • 154 views
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रील बनाने के चक्कर में ट्रेनों पर पत्थरबाजी! बिहार में 5 दिन में 134 गिरफ्तार, 12 जिले हॉटस्पॉट

Bihar Train Stone Pelting News: सोशल मीडिया पर वीडियो और रील बनाने का जुनून अब रेलवे सुरक्षा के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है। बिहार में चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे पुलिस ने विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के दौरान पांच दिनों में 134 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस मुख्यालय की समीक्षा के बाद राज्य के 12 जिलों को ट्रेन पर पत्थरबाजी के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र के तौर पर चिन्हित किया गया है। इनमें पटना के अलावा समस्तीपुर, मधुबनी और मुजफ्फरपुर जैसे जिले भी शामिल हैं।

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आखिर ट्रेन पर पत्थर क्यों फेंक रहे हैं?

पुलिस की पूछताछ में कुछ आरोपियों की ओर से सोशल मीडिया के लिए वीडियो या रील बनाने की बात सामने आने की जानकारी दी गई है।

ट्रेन गुजरने के दौरान ट्रैक के किनारे से पत्थर फेंकना कुछ लोगों को भले ही कुछ सेकेंड के वीडियो के लिए मामूली हरकत लगे, लेकिन इसका असर ट्रेन में बैठे यात्रियों पर पड़ सकता है।

पत्थर ट्रेन के शीशे से टकराने पर यात्री घायल हो सकते हैं। इसके अलावा ट्रेन के महत्वपूर्ण हिस्सों को नुकसान पहुंचने और यात्रा के दौरान सुरक्षा संबंधी दूसरी समस्या पैदा होने का खतरा भी रहता है।

पांच दिन में 134 लोगों की गिरफ्तारी

एडीजी रेल के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान में पांच दिनों के भीतर 134 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने ऐसे मामलों में कार्रवाई के साथ उन स्थानों की पहचान भी शुरू की है जहां ट्रेन पर पत्थर फेंकने की घटनाएं बार-बार सामने आती हैं। गिरफ्तार लोगों में नाबालिग भी शामिल बताए गए हैं। 

वंदे भारत समेत इन ट्रेनों पर भी नजर

पुलिस की समीक्षा में वंदे भारत, तेजस और जनशताब्दी जैसी ट्रेनों को भी पत्थरबाजी की घटनाओं से प्रभावित होने की बात सामने आई है। आधुनिक ट्रेनों में लगे कैमरों की मदद से संदिग्धों की पहचान में सुरक्षा एजेंसियों को मदद मिल रही है।

रिपोर्टों के मुताबिक कैमरा फुटेज इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसका मतलब है कि रेलवे ट्रैक के आसपास होने वाली ऐसी घटनाओं में आरोपियों की पहचान पहले की तुलना में ज्यादा आसानी से की जा रही है।

बिहार के 12 जिले हॉटस्पॉट

पुलिस मुख्यालय की समीक्षा के अनुसार इन जिलों को संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल किया गया है:

पटना,भोजपुर,समस्तीपुर,बेगूसराय,बेतिया,मधुबनी,मुजफ्फरपुर,नालंदा, सारण,गया,वैशाली,नवादा
 

इन क्षेत्रों में RPF और GRP की निगरानी बढ़ाने के साथ लोगों को रेलवे सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

समस्तीपुर, मधुबनी और मुजफ्फरपुर भी सूची में

इस खबर का उत्तर बिहार से सीधा संबंध है। समस्तीपुर, मधुबनी और मुजफ्फरपुर उन 12 जिलों में शामिल हैं जिन्हें ट्रेन पर पत्थरबाजी के लिहाज से हॉटस्पॉट माना गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि इन जिलों में हर पत्थरबाजी की घटना रील बनाने के लिए ही हुई है। पुलिस की कार्रवाई व्यापक अभियान का हिस्सा है और कुछ मामलों में पूछताछ के दौरान सोशल मीडिया वीडियो बनाने की वजह सामने आने की बात कही गई है।

अप्रैल में ज्यादा मामले सामने आने की बात

पुलिस की समीक्षा में पत्थरबाजी की घटनाओं के समय और पैटर्न को लेकर भी जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक अप्रैल में ऐसी घटनाएं अपेक्षाकृत ज्यादा दर्ज की गईं। सप्ताह के कुछ दिनों में भी मामलों की संख्या अधिक रहने की बात समीक्षा में सामने आई है।

ऐसे पैटर्न के आधार पर रेलवे सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा सकती हैं।

रील के लिए किसी की जान जोखिम में डालना कितना गंभीर?

सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड का वीडियो लोकप्रिय हो सकता है, लेकिन चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने का जोखिम कहीं ज्यादा बड़ा है।

एक पत्थर किसी यात्री को गंभीर रूप से घायल कर सकता है। ट्रेन की खिड़की या अन्य हिस्से को नुकसान पहुंच सकता है और सबसे खराब स्थिति में यह बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।

इसी वजह से रेलवे पुलिस ऐसे मामलों को केवल शरारत मानने के बजाय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय मानकर कार्रवाई कर रही है।

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रेलवे ने क्या कदम उठाया?

विशेष अभियान के तहत आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उन स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है जहां ऐसी घटनाएं बार-बार होती हैं। RPF और GRP की ओर से स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की भी जानकारी सामने आई है।

बिहार में ट्रेन पर पत्थरबाजी के खिलाफ हुई कार्रवाई ने सोशल मीडिया कंटेंट के लिए किए जाने वाले खतरनाक स्टंट पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पांच दिनों में 134 गिरफ्तारियां और 12 जिलों की पहचान बताती है कि रेलवे सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं।रील या वीडियो बनाना अपने आप में समस्या नहीं है, लेकिन उसके लिए रेल यात्रियों, रेलवे संपत्ति और अपनी सुरक्षा को खतरे में डालना गंभीर गलती हो सकती है।

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Tags: Bihar News Railway News Train Stone Pelting Bihar Crime Viral Reel Railway Safety Patna News Samastipur News Madhubani News Muzaffarpur News

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