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बिहार में आज की 5 बड़ी खबरें: बाढ़ से करीब 48 लाख प्रभावित, 16 साल बाद जेल से बाहर आया शख्स; पटना में सुरक्षा बढ़ी

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Published on Sep 12, 2026 • 76 views
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Today Bihar News: बिहार की आज की 5 बड़ी खबरें, 12 सितंबर 2026 | बाढ़ का संकट, पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला और पटना में सुरक्षा बढ़ी

12 सितंबर 2026, शनिवार | बिहार  | INFLOWIRE

बिहार में शनिवार को बाढ़ की स्थिति सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में करीब 48 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं और कई प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसी बीच पटना हाईकोर्ट ने 16 साल जेल में रहे एक व्यक्ति को हत्या के मामले में बरी कर दिया है। पटना में आगामी त्योहारों को देखते हुए पुलिस ने भी सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है।

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बिहार में बाढ़ का संकट बरकरार, करीब 48 लाख लोग प्रभावित

बिहार में बाढ़ की स्थिति शनिवार को भी गंभीर बनी हुई है। 12 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के 15 जिलों में करीब 48 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। गंगा समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। स्थिति सिर्फ पानी बढ़ने तक सीमित नहीं है। कुछ क्षेत्रों में जलस्तर में कमी भी शुरू हुई है, लेकिन प्रशासन के सामने अब पानी घटने के बाद पैदा होने वाले जोखिमों की चुनौती है। अचानक पानी घटने से तटबंधों और कमजोर संरचनाओं पर दबाव, कटाव और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। भागलपुर में बाढ़ के दबाव के कारण तीन सुरक्षा तटबंधों के टूटने की रिपोर्ट भी सामने आई है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।

बिहार में इस समय बाढ़ का असर केवल नदी किनारे के गांवों तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में आबादी प्रभावित होने के कारण आवागमन, खेती, पशुधन, स्थानीय कारोबार और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ रहा है। प्रशासन के सामने चुनौती दोहरी है—एक तरफ पानी से घिरे लोगों तक राहत पहुंचाना और दूसरी तरफ जलस्तर घटने के बाद संभावित कटाव तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटना।

 पटना हाईकोर्ट ने 16 साल जेल में रहे व्यक्ति को हत्या मामले में किया बरी

पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए रंजीत कुमार झा को बरी कर दिया है। अदालत के सामने मामले में गवाहों के बयानों में विरोधाभास और जांच से जुड़ी कई गंभीर कमियां सामने आईं। मामला वर्ष 2000 का है। अभियोजन के अनुसार समस्तीपुर में गोली चलने के बाद एक व्यक्ति की हत्या हुई थी और रंजीत कुमार झा पर अपने भाई की हत्या का आरोप लगा था। उन्हें वर्ष 2009 में हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था। लेकिन अपील पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अभियोजन की कहानी और उपलब्ध साक्ष्यों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने माना कि उपलब्ध साक्ष्य दोषसिद्धि को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त नहीं थे। रिपोर्ट के अनुसार रंजीत कुमार झा करीब 16 वर्ष जेल में रहे। हाईकोर्ट ने मामले में पुलिस जांच और कानूनी सहायता से जुड़ी कमियों पर भी चिंता जताई है तथा बिहार के डीजीपी को पुलिस की लापरवाही की जांच करने का निर्देश दिया है। यह फैसला बिहार की न्याय व्यवस्था में लंबे समय तक चलने वाले आपराधिक मामलों और कमजोर जांच के गंभीर प्रभाव को भी सामने लाता है।

पटना में त्योहारों से पहले पुलिस की सुरक्षा बढ़ी

पटना में आगामी त्योहारों को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील स्थानों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस की ओर से गश्त बढ़ाने, CCTV निगरानी मजबूत करने और स्थानीय खुफिया तंत्र के साथ समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। भीड़भाड़ वाले इलाकों और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े स्थानों पर विशेष नजर रखने की बात सामने आई है। लोगों से भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आने वाले दिनों में त्योहारों के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है।

 बिहार में बाढ़ का पानी घट रहा, लेकिन खतरा खत्म नहीं

बाढ़ की स्थिति में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि कुछ क्षेत्रों में नदी का जलस्तर नीचे आने लगा है। लेकिन प्रशासन के लिए यह पूरी तरह राहत की खबर नहीं है। जलस्तर घटने के दौरान कटाव, तटबंधों की कमजोरी और जलभराव वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं नई चुनौती बन सकती हैं। बिहार में पहले से बाढ़ प्रभावित आबादी बड़ी है, इसलिए राहत और निगरानी को अभी भी जारी रखना जरूरी है। जल संसाधन विभाग के रियल-टाइम अपडेट में 12 सितंबर की शाम तक गंगा के कुछ प्रमुख गेजों पर जलस्तर को लेकर निगरानी जारी दिखाई गई है। इसका मतलब साफ है—पानी घटना शुरू होना बाढ़ खत्म होने के बराबर नहीं है।

बिहार में बाढ़ को लेकर फरक्का मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी तेज

बिहार में बाढ़ और गाद के मुद्दे पर फरक्का बैराज और गंगा के जल प्रबंधन को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। जनता दल यूनाइटेड ने गंगा किनारे के 12 जिलों में अभियान शुरू करने की बात कही है और 1996 की भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि के संदर्भ में बिहार के हितों की बात उठाई है। यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बाढ़ के बीच नदी में गाद, जल प्रवाह और तटबंधों की भूमिका पर बिहार में लंबे समय से बहस होती रही है। हालांकि बाढ़ के मौजूदा संकट के कारणों को केवल किसी एक परियोजना या एक कारण से जोड़ना सही नहीं होगा। विशेषज्ञों की चर्चा में अत्यधिक स्थानीय बारिश, ऊपरी क्षेत्रों से आने वाला पानी, नदियों का बढ़ा जलस्तर और गंगा के ऊंचे स्तर के कारण tributaries में पानी की निकासी प्रभावित होने जैसे कई कारण सामने आए हैं।

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Tags: Bihar News Patna News Bihar Flood Bhagalpur Patna High Court Bihar Breaking News

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