बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बड़ी पहल, ‘एक अधिकारी—एक मॉडल स्कूल’ पर जोर
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बिहार में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में मॉडल स्कूलों की निगरानी,
अभिभावक-शिक्षक संवाद और JEE-NEET की तैयारी को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर
बिहार में सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की गई।
‘एक अधिकारी—एक मॉडल स्कूल’ पहल पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने ‘एक अधिकारी—एक मॉडल स्कूल’ पहल के तहत अधिकारियों को मॉडल स्कूलों की जिम्मेदारी सौंपने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य स्कूलों में पढ़ाई के स्तर के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान देना है।मॉडल स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता, पढ़ाई की स्थिति और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की नियमित समीक्षा तथा निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
हर तीन महीने में होगी अभिभावक-शिक्षक बैठक
शिक्षा व्यवस्था में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रत्येक तीन महीने में अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित करने पर भी जोर दिया गया है। इसके साथ ही स्कूल के पूर्व विद्यार्थियों यानी एलुमनाई से संवाद बढ़ाने की बात कही गई, ताकि उनके अनुभव और सहयोग का लाभ वर्तमान विद्यार्थियों को मिल सके।
JEE और NEET की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन
बैठक में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को JEE और NEET जैसी परीक्षाओं के लिए बेहतर मार्गदर्शन और पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य आर्थिक या अन्य कारणों से अतिरिक्त शैक्षणिक संसाधनों से वंचित विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
24x7 डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म को मजबूत करने का निर्देश
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ई-लर्निंग और 24x7 इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म को और प्रभावी बनाने की दिशा में भी काम करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक विद्यार्थियों को डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने और इसका लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर जोर दिया है ।
शिक्षा व्यवस्था की नियमित होगी समीक्षा
समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि सरकार सरकारी स्कूलों में केवल आधारभूत सुविधाओं पर ही नहीं, बल्कि पढ़ाई की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपलब्धता, अभिभावकों की भागीदारी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसे पहलुओं पर भी निगरानी बढ़ाना चाहती है। आने वाले समय में मॉडल स्कूलों की प्रगति और विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं की नियमित समीक्षा इस पहल की अहम कड़ी होगी।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि मुख्यमंत्री का ये फरमान स्कूल की फाइलों में गुम हो जाएगा या फिर आदेश को शतप्रतिशत कराया जाएगा ये तो समय ही बताएगा। फिलहाल सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक सकारात्मक कदम उठाया है।